व्यापारियों से लूट की थी योजना, कर रहे थे रेकी
आरोपी कुलवंत सिंह ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि उसने यह पिस्तौल अमरिंदर सिंह उर्फ कैप्टन से ली है। उसने यह भी बताया कि उसने अमरिंदर सिंह उर्फ कैप्टन, लवीश कुमार उर्फ लवी और नरिंदर सिंह उर्फ निंदी के साथ मिलकर लुधियाना और मोहाली के बड़े व्यापारी व्यापारियों से लूट करनी थी। इसके लिए लवीश कुमार और नरिंदर सिंह रेकी भी कर रहे थे।
पूछताछ के आधार पर अमरिंदर सिंह उर्फ कैप्टन और लवीश कुमार को नामजद करके मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार किया गया। अमरिंदर सिंह को गिरफ्तार करते समय उसके सहयोगी आरोपी परम प्रताप सिंह ने पुलिस से अमरिंदर सिंह उर्फ कैप्टन को गिरफ्तार करते समय भगाने की कोशिश की थी। उसे भी मौके से नामजद कर मुकदमे में गिरफ्तार किया गया।
इंदौर से लाए दो पिस्तौल और नौ कारसूस
पूछताछ में अमरिंदर सिंह उर्फ कैप्टन ने कबूल किया कि वह इंदौर से 2021 में दो पिस्तौल और नौ कारतूस 55 हजार रुपये में खरीद कर लाया था। इनमें से एक पिस्तौल और दो कारतूस कुलवंत सिंह को दिए थे। वहीं, एक पिस्तौल और सात कारतूस यादविंदर सिंह को दिए थे। यादवेंद्र सिंह को नामजद किया गया है, उसकी गिरफ्तारी अभी बाकी है।