कंपनी में कुल 25 कर्मचारी काम करते हैं, जिनमें से 13 पकड़े गए हैं। पुलिस का कहना है कि अगर बाकियों की संलिप्तता सामने आई तो उन्हें भी पकड़ा जाएगा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि गिरोह कब से फर्जी कॉल सेंटर चला रहा था।
आरोपी ऐसे फंसाते थे अमेरिकी नागरिकों को
मोहाली के एसएसपी डॉ. संदीप कुमार गर्ग ने बताया कि एसपी (ट्रैफिक) हरिंदर सिंह मान इलाके में कंपनियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें इलाके में फर्जी कॉल सेंटर चलने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पड़ताल की गई और फिर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-8 स्थित इमारत की तीसरी मंजिल पर लॉजिस्टिक कंपनी की आड़ में चल रहे कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया गया।
एसएसपी ने बताया कि गिरोह के शातिर सदस्य यूएसए में रहने वाले लोगों से संपर्क साधकर उन्हें कहते थे कि वह पे-पाल कंपनी के कर्मचारी हैं। आरोपी उन्हें एक ईमेल भेजकर उनका पे-पाल अकाउंट ब्लॉक होने के बारे में बताते और खाते को दोबारा से चालू करवाने के लिए उनके टोल फ्री नंबर पर कॉल करने को कहते थे। इसके बाद जब वहां के लोग उन्हें टोल-फ्री नंबर पर कॉल करते तो शातिर अमेरिकी लोगों से दोबारा अकाउंट शुरू करने के नाम पर 200 से 500 डॉलर वसूल लेते।
गूगल एड का भी लेते थे सहारा
पुलिस ने बताया कि आरोपी ईमेल से पे-पाल अकाउंट बंद होने के तरीके का इस्तेमाल करने के साथ ही गूगल एड का भी सहारा लेते थे। जीरकपुर, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कुछ शातिर कॉल जनरेट कर गिरोह को उपलब्ध करवाते थे।