पंजाब में एक अप्रैल से मंडियों में खरीद शुरू हो चुकी है। मगर किसान अभी फसल लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। इसकी वजह है कि पंजाब की कंबाइन यूपी, एमपी, हरियाणा और बिहार में हैं। पिछले साल के मुकाबले हाथों से कटाई महंगी होने के कारण किसान परेशान हैं। गेहूं कटाई में देरी हो रही है। छोटे किसानों के अनुसार वह गेहूं को कटवाने के लिए कंबाइन मालिकों से संपर्क कर रहे हैं। वह कंबाइन लेकर एमपी, यूपी और हरियाणा गए हैं।
उनके आने के बाद वह गेहूं कटवाएंगे। हाथ से कटाई करने वाले मजदूर नहीं मिल रहे। अगर मिल भी रहे हैं तो वह प्रति एकड़ कटाई के पैसे इतने मांग रहे हैं कि कंबाइन से गेहूं कटाई सस्ती पड़ रही है। गत वर्ष एक एकड़ की कटाई तीन हजार से 3500 के बीच थी। इस बार मजदूर एक एकड़ की कटाई 4500 से पांच हजार के बीच मांग रहे है। पिछले 15 दिनों से मौसम साफ चल रहा है। तापमान की बात करें तो गत एक सप्ताह से अधिकतम तापमान 42 और 40 डिग्री के आसपास रहा है।
न्यूनतम तापमान 16 डिग्री से 19 डिग्री के बीच चल रहा है। जालंधर समेत सभी सब डिवीजन में लगभग गेहूं पककर तैयार है। अभी किसी जगह से गेहूं कटाई की सूचना नहीं मिली है। मंडियों में गेहूं की आमद इस सप्ताह से तेज होने की संभावना है। डीसी घनश्याम थोरी ने कहा कि अनाज मंडी में कोविड नियमों का ध्यान रखें। किसानों को गेहूं की भुगतान ऑनलाइन होगा। जे फार्म डिजिटल रूप में मिलेगा। अनाज मंडी और अन्य किसी विभाग के अधिकारी और कर्मी को रिश्वत न दें। 31 मई तक शाम सात बजे से सुबह 9 बजे तक कंबाइनों से कटाई पर रोक है। कटाई बीआईएस सर्टिफिकेट रखने वाले हारवेस्टर कंबाइनों से करवाएं।
पावरकॉम के डिस्ट्रीब्यूशन नॉर्थ जोन जालंधर चीफ इंजीनियर जैनेंद्र दानिया ने कहा कि खेतों में मजदूरों को बीड़ी सिगरेट न पीने दें। बिजली की तारों को बांस से न छुएं। कंबाइन दिन के समय चलाएं, बिजली के पोल व तारों से दूर रखें। खेत में लगे ट्रांसफार्मर के आसपास 10 मीटर क्षेत्र को गीला रखें। खेतों में आस पास घरों में चूल्हों की आग का ध्यान रखें। तार या ट्रांसफार्मर में स्पार्किंग है तो विभाग को सूचित करें। जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर हरशरनजीत सिंह ने बताया कि जिले में 78 पक्के और 14 कच्चे गेहूं खरीद केंद्र बनाएं गए हैं। पांच लाख 91 हजार मीट्रिक टन आमद का लक्ष्य रखा गया है।