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फर्जी महिला अधिकारी गिरफ्तार: खुद को विजिलेंस अधिकारी बता किसान को ठगा, चार साथी पहले ही गिरफ्त में

Fri, 08 Mar 2024 08:55 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)

सार

विजिलेंस टीम ने फर्जी अधिकारी बता लोगों को ठगने वाली महिला को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस महिला के चार साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। महिला को लाडोवाल टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से दो मोबाइल और कुछ दस्तावेज मिले हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्जी विजिलेंस अधिकारी बता भोलेभाले लोगों को ठगने वाली महिला को आखिरकार विजिलेंस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला काफी समय से तलाश थी। उसके चार आरोपियों को विजिलेंस की टीम पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों ने किसान को झूठे केस में फंसाने का डर दिखा उससे 25 लाख रुपये ऐंठे थे। आरोपी महिला की पहचान पूजा के रूप में हुई है। उसे पुलिस ने अदालत में भी पेश कर दिया है और उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी महिला से पूछताछ करने में जुटी है।

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एसएसपी विजिलेंस रविंदरपाल सिंह संधू ने बताया कि विजिलेंस का रौब दिखाकर एक किसान को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे 25 लाख रुपये के दो चेक लेने के मामले में पूजा रानी के चार साथियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। इस मामले में आरोपी मंजीत सिंह और परमजीत सिंह निवासी गांव मेहलों, तहसील समराला, परमिंदर सिंह निवासी आकाश कॉलोनी होशियारपुर, पिंदर सोढ़ी निवासी झब्बेवाल जिला होशियारपुर न्यायिक हिरासत में हैं। 

एक आरोपी फतेहगढ़ साहिब जिले के खमाणो कस्बे का निवासी हरदीप सिंह फरार है। एसएसपी संधू ने बताया कि कूमकलां के गांव भैणी सलू निवासी पलविंदर सिंह की शिकायत पर दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उसने अपनी 18 एकड़ पुश्तैनी जमीन बेच दी थी। इसके बाद उन्हें पंचायती जमीन की बिक्री के संबंध में एक नोटिस मिला। इसके बाद 12 अगस्त 2023 को तीन अज्ञात व्यक्ति उनके घर आए और खुद को सेक्टर-17 चंडीगढ़ में विजिलेंस विभाग के अधिकारी के रूप में पेश किया। 
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पीड़ित ने आरोप लगाया कि उन्होंने पंचायत की जमीन बेचने के मामले को सुलझाने के लिए उससे 50 लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने यह दावा उनसे किया कि चंडीगढ़ कार्यालय में जांच लंबित है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जा सकता है।

डर के मारे शिकायतकर्ता 25 लाख रुपये का भुगतान करने पर सहमत हो गया और आरोपी ठगों ने उसे 15 लाख रुपये और 10 लाख रुपये के दो चेक पर हस्ताक्षर करने के लिए मना लिया, जिसमें गारंटी थी कि 25 लाख रुपये नकद मिलने पर वे उन्हें वापस कर देंगे। उन्होंने आगे कहा कि आरोपियों में से एक ने 27 हजार रुपये भी ले लिए और उनका फोन नंबर लेने के बाद चला गया।

एसएसपी संधू ने बताया कि पीड़ित को उसके व्हाट्सएप पर धमकी भरे कॉल आए कि अगर वह वादे के मुताबिक 25 लाख रुपये नकद देने में विफल रहा तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। आरोपी पिंदर सोढ़ी ने इस मामले के शिकायतकर्ता के साथ-साथ विभिन्न व्यक्तियों को धोखा देने के लिए अपनाई गई कार्यप्रणाली और उपरोक्त आरोपी पूजा रानी की संलिप्तता के बारे में कुछ खुलासे किए हैं और उसे भी इस मामले में नामदर्ज किया गया था। 

आरोपी पूजा अपराध करने के बाद से पति हरदीप सिंह के साथ दिल्ली में रह रही थी। एसएसपी संधू ने कहा कि आरोपी पूजा रानी को लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा के पास टैक्सी में घूमते समय गिरफ्तार किया गया। टीम को उसके कब्जे से मामले से संबंधित दो मोबाइल फोन और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।
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