पीड़ित ने आरोप लगाया कि उन्होंने पंचायत की जमीन बेचने के मामले को सुलझाने के लिए उससे 50 लाख रुपये की मांग की। आरोपियों ने यह दावा उनसे किया कि चंडीगढ़ कार्यालय में जांच लंबित है। उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जा सकता है।
डर के मारे शिकायतकर्ता 25 लाख रुपये का भुगतान करने पर सहमत हो गया और आरोपी ठगों ने उसे 15 लाख रुपये और 10 लाख रुपये के दो चेक पर हस्ताक्षर करने के लिए मना लिया, जिसमें गारंटी थी कि 25 लाख रुपये नकद मिलने पर वे उन्हें वापस कर देंगे। उन्होंने आगे कहा कि आरोपियों में से एक ने 27 हजार रुपये भी ले लिए और उनका फोन नंबर लेने के बाद चला गया।
एसएसपी संधू ने बताया कि पीड़ित को उसके व्हाट्सएप पर धमकी भरे कॉल आए कि अगर वह वादे के मुताबिक 25 लाख रुपये नकद देने में विफल रहा तो उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। आरोपी पिंदर सोढ़ी ने इस मामले के शिकायतकर्ता के साथ-साथ विभिन्न व्यक्तियों को धोखा देने के लिए अपनाई गई कार्यप्रणाली और उपरोक्त आरोपी पूजा रानी की संलिप्तता के बारे में कुछ खुलासे किए हैं और उसे भी इस मामले में नामदर्ज किया गया था।
आरोपी पूजा अपराध करने के बाद से पति हरदीप सिंह के साथ दिल्ली में रह रही थी। एसएसपी संधू ने कहा कि आरोपी पूजा रानी को लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा के पास टैक्सी में घूमते समय गिरफ्तार किया गया। टीम को उसके कब्जे से मामले से संबंधित दो मोबाइल फोन और कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं।