परिवार के सभी सदस्य शादी में व्यस्त थे। इसलिए सुबह से उनका बेटा अमृतसर से उनको बार-बार फोन कर रहा था, ताकि शादी के समय वह पहुंच सकें। शादी में शामिल उनके दूसरे रिश्तेदारों ने भी कुलवंत व प्रीतम कौर को कई बार फोन किया। जब फोन नहीं उठा तो बुधवार शाम ही परेशान बेटा व अन्य रिश्तेदार अड्डे स्थित घर पहुंचे।
पहुंचने पर पाया कि बाहर का दरवाजा बंद था। बेटे व अन्य रिश्तेदारों ने पहले दरवाजा खटखटाया। जब भीतर से दरवाजा नहीं खुला तो दीवार फांदकर बेटा व अन्य रिश्तेदार घर में प्रवेश हुए। अंदर देखा कि दंपती की खून से लथपथ लाशें बिस्तर पर पड़ी थीं। उनके शरीर पर तेजधार हथियारों के निशान थे। लुटेरे घर की अलमारियां खंगालकर अन्य समान लूट ले गए थे। गौर करने की बात है कि बेटा व अन्य परिजन बुधवार को सुबह से दंपती को फोन कर रहे थे और उन्हें कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसलिए यह वारदात मंगलवार रात की हो सकती है।
कुलवंत सिंह के बेटे निर्मल सिंह ने पुलिस चौकी राम तीर्थ में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी बहन की बेटी की शादी थी। बुधवार को सुबह उसने पिता के मोबाइल पर कई बार कॉल की तो कोई भी जवाब नहीं मिला था। इससे वह परेशान हो गया। देर शाम वह अपने कुछ रिश्तेदारों के साथ गांव पहुंचा। वहां उसने कई बार घर का दरवाजा खटखटाया। लेकिन अंदर से दरवाजा नहीं खोला गया।
काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद जब भीतर से कोई आवाज नहीं आया तो वह साथ आए रिश्तेदारों के साथ घर की दीवार फांदकर घर के अंदर पहुंचा तो देखा कि माता-पिता के खून से लथपथ शव बिस्तर पर पड़े थे। उनके शरीर पर तेजधार हथियारों के कई निशान थे। उसे शक है कि लूट की नीयत से किसी ने घर में घुसकर दोनों का कत्ल किया है।
कुलवंत सिंह के दामाद ने बताया कि उनकी बेटी की शादी थी। शादी में बेटी के नाना-नानी समय पर पहुंच जाएं, इसका इंतजार सभी रिश्तेदारों को था। शादी में जल्दी पहुंचे इसके लिए पहले उनके साले निर्मल व बाद में उन्होंने कई बार फोन किया। बाद में पड़ोसियों को फोन किया गया, उनसे जानकारी मिली की सुबह से ही दुकान नहीं खुली है। न ही बुजुर्ग दंपती गुरुवार को घर से बाहर निकले हैं। इसके बाद शक बढ़ने पर देर शाम करीब सवा 6 बजे पारिवारिक सदस्यों के साथ अड्डे स्थित उनके घर पहुंचे तो हत्या के बारे में जानकारी मिली।