घटना के 5 दिन बाद उनकी पुत्री का फोन आया कि वह हरिद्वार में है। इसके कुछ दिन बाद शौकीन ने पीड़ित परिजनों को फोन कर बताया कि उनकी पुत्री उसके पास है। इसके बाद पुलिस ने जांच कर आरोपी शौकीन पुत्र मुर्तजा निवासी लंढौरा थाना मंगलौर जिला हरिद्वार को गिरफ्तार कर पीड़िता को बरामद किया था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म पोक्सो एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 8 गवाह पेश किए गए थे।
दोनों पक्षों के साक्ष्यों पर गौर करने व बहस सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश पॉक्सो ने शौकीन को दोषी पाया। उन्होंने अभियुक्त को 10 वर्ष के कठोर कारावास व 60 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही न्यायालय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पीड़िता को प्रतिकार के रूप में एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाए जाने के आदेश भी दिए।