मोहाली में खरड़ कस्बे के गांव रडियाला में चल रहे नशा मुक्ति केंद्र के मालिक को छह युवकों ने किडनैप कर लिया था। इस काम में केंद्र में ही काम करने वाले युवक ने मदद की थी। केंद्र के मालिक ने युवक मोहित समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस जांच में जुटी हुई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, गांव रडियाला के बानी फाउंडेशन नशा मुक्ति केंद्र में उस समय माहौल गर्मा गया, जब केंद्र में ही इलाज करवा रहे छह युवकों ने डायरेक्टर विक्रमजीत सिंह पर घातक हथियारों से जानलेवा हमला कर दिया। इतना ही नहीं आरोपी डायरेक्टर को बंधक बनाकर रोपड़ की तरफ ले गए। रास्ते में आरोपियों ने विक्रमजीत को एक पेड़ से बांधा और फरार हो गए।
विक्रमजीत सिंह ने किसी तरह पेड़ से बंधे अपने हाथ खोल लिए और खरड़ अस्पताल पहुंच गए। यहां उन्होंने अपना इलाज करवाया। फिर विक्रमजीत ने थाना सदर खरड़ पुलिस को शिकायत दी। इसमें बताया है कि उसके नशा मुक्ति केंद्र में गुरजीत सिंह, कुलवंत सिंह, जसवंत सिंह, सुमन, राज कमल भर्ती हैं। मोहित नाम का युवक भी सेंटर में काम करता है।
रोज की तरह जब वह नशा मुक्ति केंद्र पहुंचे तो मोहित ने वहां पर इलाज करवा रहे युवकों को कमरे से बाहर निकाला। इसके बाद सभी ने उन पर घातक हथियारों से हमला कर दिया। पुलिस ने विक्रमजीत की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है।
कुछ युवकों ने डायरेक्टर के खिलाफ शिकायत दी
वहीं दूसरी तरफ से नशा मुक्ति केंद्र में दाखिल युवकों ने थाना सदर खरड़ में शिकायत दी है। इसमें डायरेक्टर पर आरोप लगाया है कि उनसे 18 हजार रुपये लेने के बाद भी एक ही टाइम का खाना दिया जा रहा था और न ही इलाज किया जा रहा था। यहां के शौचायल खस्ताहाल थे और जांच के लिए आरएमपी डॉक्टर ही आते थे।
जब वह इसका विरोध करते तो केंद्र के प्रबंधक मारपीट करते थे। उन्होंने आरोप लगाया है कि नशा मुक्ति केंद्र में 15 जनवरी के बाद कोई डॉक्टर नहीं आया है, जबकि डॉक्टरों का आना बहुत जरूरी है।