दीपक ने तुरंत ही बेटे मोहित को अस्पताल में भर्ती कराया, जिससे उसकी जान बच सकी। पुलिस ने मुकदमा दर्जकर जांच शुरू की तो वहां से एक सीसीटीवी फुटेज मिली, जिसमें आरोपियों के चेहरे दिखाई दे रहे थे। उसके आधार पर आरोपियों की पहचान हो गई और पुलिस ने दिल्ली के कृष्णानगर निवासी शिवेंद्र शर्मा व उसके दोस्त शाहदरा निवासी अंशुमन टंडन को गिरफ्तार कर लिया।
बिल्डर दीपक रेलन का रिश्ते में शिवेंद्र शर्मा बहनोई है। शिवेंद्र ने इंजीनियरिंग की हुई है और वह अभी कोई काम नहीं कर रहा था, जिससे उसके सामने रुपयों की परेशानी होने लगी थी। शिवेंद्र को पता चला कि दीपक ने डेढ़ करोड़ रुपये में एक मकान बेचा है और उसके रुपये घर में रखे हुए है। उसने रुपये चोरी करने की योजना बनाई और अपने साथ शराब पीने वाले अंशुमन टंडन को योजना में शामिल किया।
अंशुमन को चार-पांच लाख रुपये देने का लालच दिया गया था। दीपक के घर की दो दिन रैकी करने के बाद शिवेंद्र को पता चला था कि सुबह के समय घर में मोहित अकेला रहता है। जिसके बाद शिवेंद्र व उसका साथी अंशुमन अपने मुंह पर कपड़ा बांधकर घर में घुस गए और वहां बच्चे से पीने के लिए पानी मांगा।
वह बच्चे को रसोई में बंद करना चाहते थे लेकिन वह ऐसा नहीं कर सके। मोहित को धमकाने लगे तो उसने रोते हुए शोर मचा दिया और उसी समय बिल्डर दीपक भी घर पहुंच गए। उसी समय खींचतान में शिवेंद्र के चेहरे से कपड़ा हट गया और मोहित ने अपने फूफा शिवेंद्र को पहचान लिया। जिसके बाद आरोपी शिवेंद्र ने मोहित का गला चाकू से रेत दिया और वह खुद बेडरूम में घुस गए। बच्चे को लहुलुहान देखकर दीपक बाहर निकला तो शिवेंद्र व उसका साथी भी मौका देखकर मकान के पीछे से कूदकर भाग गए।
मोहित का गला उसके फूफा ने अपने दोस्त के साथ मिलकर रेता था। उसको लगा था कि घर के अंदर डेढ़ करोड़ रुपये रखे है और वह रुपये चोरी करने के लिए ही दोनों घर में घुसे थे। सीसीटीवी फुटेज के आघार पर दीपक ने अपने बहनोई को पहचान लिया था। सिविल लाइन थाना पुलिस ने उसको साथी संग दिल्ली से दबोच लिया। दोनों को रिमांड पर लिया जाएगा, जिससे उनसे पूछताछ की जा सके। -जितेंद्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर