बेटा गुरबख्श सिंह और शिक्षक बेअंत सिंह की फाइल फोटो।
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पंजाब के फिरोजपुर में एक शिक्षक परिवार के साथ नहर में कूद गया। समय रहते लोगों ने मां और बेटी को बचा लिया लेकिन बाप-बेटे की जान नहीं बच सकी। मामला फरीदकोट के नजदीक गांव मोहकम वाला और ठेठर कलां के बीच से गुजरने वाली नहर का है।
शिक्षक बेअंत सिंह और बेटे गुरबख्श सिंह (आठ साल) का शव शुक्रवार दोपहर बाद बरामद हुआ। बता दें कि गुरुवार को बेअंत सिंह परिवार और बाइक समेत राजस्थान फीडर नहर में कूद गया था। इस दौरान दो होमगार्ड जवान समेत पांच लोगों ने नहर में कूदकर महिला और सात माह की बच्ची को बचा लिया था। जबकि बेअंत और गुरबख्श पानी के तेज बहाव में बह गए थे।
एसएसपी भागीरथ सिंह मीणा ने बताया कि गांव मोहकम वाला और ठेठर कलां के बीच गुजर रही राजस्थान फीडर से शुक्रवार दोपहर बाद गोताखोरों ने शिक्षक बेअंत सिंह और उसके बेटे गुरबख्श सिंह का शव बरामद किया है। बेअंत परिवार संग गुरुद्वारे से माथा टेक घर लौट रहा था तभी बाइक समेत नहर में कूद गया था।
एसएसपी ने बताया कि पीएचजी जोगिंदर सिंह, पीएचजी परमजीत सिंह, बेलदार देसा सिंह, मनप्रीत सिंह निवासी गांव भड़ाना व गुरप्रीत सिंह निवासी गोगोआनी ने अपनी जान की परवाह किए बगैर नहर में कूदकर बेअंत की पत्नी वीरजीत कौर और बेटी रहिमत कौर (सात माह) को सुरक्षित नहर से निकाल लिया था। जब वीरजीत कौर को नहर से निकाला था तो उसने अपनी बेटी को दोनों हाथों से अपने सीने से लगा रखा था।
उधर, जैसे ही बेअंत सिंह और गुरबख्श सिंह के शव गांव लोहके खुर्द पहुंचे तो कोहराम मच गया। बेअंत सिंह और उसकी पत्नी वीरजीत कौर गांव शाह वाला में अपना स्कूल चलाते थे। कोविड-19 के चलते स्कूल कई माह से बंद पड़ा है। स्कूल बंद होने से आर्थिक तंगी भी झेल रहे थे। शायद इसलिए नहर के पुल से गुजरने के बाद बेअंत दोबारा लौटा और परिवार संग बाइक समेत नहर में कूद गया था।