मंगलवार को करनपाल का 25वां जन्मदिन था जिसे लेकर बहुत खुश था और अपने जन्मदिन की खुशी में परिजनों के साथ बाहर खाना खाने गए थे। यहां से देर रात घर पहुंचे तो करनपाल यह कहकर चला गया कि वे अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी मनाने जा रहा है और देर रात घर लौटेगा लेकिन अगली सुबह करनपाल की खून से लथपथ लाश सोसायटी के बाहर मार्केट में खड़ी क्रेटा कार से मिली।
देर रात 2 बजे फोन करके बोला था- सुबह घर आऊंगा
पिता सुरिंदर ने बताया कि मंगलवार देर रात करनपाल यह तो बताकर गया कि दोस्तों के साथ पार्टी करने जा रहा है। रात करीब 2 बजे करनपाल का फोन आया और बताया कि पार्टी में समय लग रहा है और रात दोस्त के साथ बिताकर सुबह घर लौटेगा। करनपाल की यह बात सुनकर वे लोग बेफिक्र होकर सो गए और अगली सुबह बड़ा बेटा रोज की तरह मार्केट से कुछ सामान लेना मार्केट आया तो देखा कि करनपाल की कार खड़ी है। पास जाकर देखा तो करनपाल की कनपटी से खून निकल रहा था और हाथ में पिस्टल भी थी। वहीं कार में कंडक्टर सीट की पिछली सीट के दरवाजे का शीशा टूटा हुआ था।
आज तक हथियार का मुंह नहीं देखा, बेटे के पास कैसे आई पिस्टल
जानकारी के अनुसार घटनास्थल पर मीडिया से बातचीत करते हुए मृतक के पिता सुरिंदर ने बताया कि वर्षों से वह पुरानी कारों का कारोबार कर रहे हैं। उनके घर में किसी ने कभी पिस्टल का मुंह तक नहीं देखा। बुधवार को बेटे करनपाल के पास पिस्टल कहां से आई। यह जांच का विषय है। पुलिस से मांग करता हूं कि मेरे बेटे को ऐसा करने के लिए मजबूर करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
डेढ़ घंटे बाद आऊंगा... कहकर गया और सुबह मिली लाश
करनपाल की मां ने पुलिस को बताया कि करनपाल के साथ हम बाहर से खाना खाकर घर लौटे। इस बीच उसके दोस्तों का लगातार जन्मदिन मनाने के लिए फोन आ रहे थे। हमें घर पर छोड़ने के बाद करनपाल ने कहा कि मां मैं डेढ़ घंटे में आ जाऊंगा लेकिन जब डेढ़-दो घंटे बीत जाने के बाद वह नहीं आया तो उन्होंने उसे फोन किया जो उसने रिसीव नहीं किया। इसके बाद सुबह करनपाल की कार सोसायटी के बाहर खड़ी होने की सूचना मिली।
पहले फायर में नहीं हुआ कामयाब, दूसरी कोशिश में रहा सफल
डीएसपी सिटी-2 सुखजीत सिंह विर्क ने बताया कि पुलिस को करनपाल से .32 बोर की देसी पिस्टल मिली हैं। इसमें दो गोलियां चलने के बाद एक अन्य गोली पड़ी थी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि करनपाल के पास पिस्टल के अलावा कुल 11 कारतूस थे, जिसमें से 3 उसने पिस्टल में डाले थे।
करनपाल ने पिस्टल कनपटी रखकर पहले फायर किया, जिसमें सफल नहीं हुआ। इससे हताश होकर करनपाल ने दोबारा कोशिश करते हुए फायर किया, जो दिमाग को चीरकर कार का शीशा तोड़ते निकल गई। पुलिस को करनपाल की पैंट की जेब में से आठ कारतूस और एक कारतूस पिस्टल से बरामद हुआ। वहीं गोलियों के दो खोल कार के अंदर पैरों के पास से बरामद हुए हैं।