प्राथमिक पूछताछ के दौरान पता चला कि गुरपिंदर के संबंध श्रीनगर के हंदवाड़ा के एक दुकानदार तारिक अहमद लोन के साथ हैं। कस्टम विभाग ने तारिक अहमद को जम्मू-कश्मीर पुलिस के मदद से उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। गुरपिंदर और तारिक के बीच कब से व्यापारिक संबंध है, इसकी भी विभाग जांच कर रहा है।
गुरपिंदर सिंह को पाकिस्तान के साथ आयात-निर्यात का लाइसेंस अक्तूबर 2018 को मिला था। उसने अभी तक नमक की दो खेप पाकिस्तान से मंगवाई है। गुरपिंदर और तारिक के बीच नशीले पदार्थों के तस्करी के बाद होने वाला भुगतान कहीं हवाला के जरिये आतंकवादियों तक तो नहीं पहुंचा था। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है। कस्टम विभाग को कुछ ऐसे दस्तावेज मिले है, जिसे इस खेप के भुगतान की सुई आतंकवादियों तक जाती है लेकिन विभाग अभी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं।
कस्टम विभाग के कमिश्नर दीपक कुमार गुप्ता ने रविवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 26 जून को पाकिस्तान से नमक की 600 बोरी आईसीपी में पहुंची। इस पूरी खेप की कीमत दस लाख से कम थी, इसलिए इस खेप को खुले में उतार दिया गया। इस खेप की जांच शनिवार को शुरू की गई। जांच के दौरान कस्टम अधिकारियों को शक हुआ कि नमक की कुछ बोरियां दूसरे से अलग हैं।
विभाग ने इन बोरियों को जांचा तो देखा कि बोरियों के बीच कुछ पैकेट छिपा कर रखे हुए हैं। इन 14 बोरियों को खोल कर रखे पैकेटों की जांच की गई तो उनमें हेरोइन के रखे पैकेट के साथ-साथ कुछ अन्य नशीले पदार्थ भी बरामद किया गए हैं। दीपक कुमार ने बताया कि भारतीय कस्टम इस मामले पर पाकिस्तान कस्टम के साथ बातचीत करेगा।
किस प्रकार वाघा स्थित आईसीपी से नमक की खेप के साथ हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थ की खेप भारत पहुंची। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ट्रक के ड्राइवर को गिरफ्तार नहीं किया गया, क्योंकि वह खेप उतारकर चला गया था। पूछताछ में यदि पाकिस्तान ड्राइवर की संलिप्तता पाई गई, तो पाकिस्तान कस्टम को उसकी शिकायत कर गिरफ्तार कर भारत लाया जाएगा।
नमक पर है 200 फीसदी की कस्टम ड्यूटी
पुलवामा हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से आयात होने वाले कई पदार्थों पर 200 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगाई हुई है। नमक भी इस ड्यूटी में शामिल है। इसके बावजूद गुरपिंदर सिंह ने महंगी आइटम को क्यों मंगवाया, हंदवाड़ा के तारिक अहमद के साथ कोई साठगांठ कर यह खेप तो नहीं मंगवाई गई। इसकी जांच भी चल रही है। दीपक कुमार गुप्ता के अनुसार कस्टम क्लीयरेंस एजेंट्स से भी पूछताछ की गई है।