मोरनी गैंगरेप मामले में पीड़िता ने अपनी जान का खतरा होने और धमकियां मिलने की जानकारी देते चंडीगढ़ जिला अदालत में याचिका दायर कर खुद को नारी निकेतन भेजने की अपील की थी। गुरूवार को जिला अदालत ने उसकी याचिका मंजूर करते हुए उसे नारी निकेतन भेजने के आदेश दिए। साथ ही पुलिस को उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं।
इससे पहले बुधवार को 21 वर्षीय पीड़िता ने पंचकूला पुलिस द्वारा उसके पति के खिलाफ देह व्यापार की धारा के तहत केस दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी करने के बाद चंडीगढ़ में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष देर शाम याचिका दायर की थी। पीड़िता की ओर से दायर याचिका में कहा गया था कि, वह घर पर अकेले नहीं रहना चाहती है क्योंकि उसके पति की गिरफ्तारी के बाद से वह डरी हुई है इसलिए वह तब तक नारी निकेतन में रहना चाहती है, जब तक कि उसका पति पुलिस कस्टडी या जेल में रहेगा या फिर उसका कोई रिश्तेदार उसकी मदद को आगे नहीं आता।
इसके अलावा पीड़िता ने यह भी दलील दी थी कि पंचकूला पुलिस ने उसकी सभी गतिविधियों को अवैध रूप से प्रतिबंधित कर दिया था वहीं उसके मोबाइल फोन तक को बंद कर दिया था। पुलिस उसे किसी से मिलने भी नहीं दे रही थी। याचिका पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने मनीमाजरा एसएचओ इंस्पेक्टर रंजीत सिंह को रात में ही नोटिस जारी कर आदेश दिए थे कि वह पीड़िता के घर पर जाकर जांच करें।
साथ ही सुनिश्चित करें कि कोई भी पुलिसकर्मी उसे परेशान न करे और उसकी जान को भी खतरा न हो। वहीं गुरूवार को जिला अदालत ने पीड़िता की याचिका को मंजूर करते हुए उसे नारी निकेतन भेजने के आदेश जारी कर दिए।