रात को झोपड़ी के अंदर जमीन को खोदकर एक घड़ा निकाला उसमें सोने जैसी चमक वाले जेवरात थे। आरोपियों ने सुखदयाल को हाथ लगाने से मना कर दिया और कहा कि हाथ लगाते ही सोना मिट्टी बन जाएगा। इसे प्राप्त करने के लिए एक ऐसी मिट्टी खरीदकर लानी होगी जिसे इस पर डालेंगे ताकि ये सोना बना रहे। ऐसी मिट्टी छह लाख रुपये की आएगी। सभी मिलकर पैसे डालेंगे।
किसान सुखदयाल से आरोपी चार लाख रुपये लेकर मिट्टी लाए और सोने को तोला तो साढ़े 17 किलो था। आरोपियों ने घड़े में से सोने के तीन बिस्कुट निकाल लिए और कहा कि इसे दिल्ली में बेचेंगे। इसकी कीमत साठ लाख रुपये है।
दिल्ली जाने की बात कहकर आरोपी चले गए और वापस फिर किसान के पास आए। वह कहने लगे कि तांत्रिक बाबा को दिल्ली पुलिस ने पकड़ लिया है और पुलिस 25 लाख रुपये मांग रही है। यदि पुलिस को नहीं दिए तो तुम्हें और हमें पुलिस पकड़कर ले जाएगी। किसान डर गया।
आरोपियों ने किसान के पास नकली दिल्ली पुलिस बनाकर कुछ लोग भेज दिए जो लाखों रुपये वसूल करके ले गए। किसान के मुताबिक आरोपियों ने उससे कुछ दस्तावेजों पर भी हस्ताक्षर करवाए हैं। किसान का कहना है कि आरोपियों ने इस तरह उससे 23 लाख रुपये की ठगी की है।
थाना गुरुहरसहाए पुलिस ने किसान सुखदयाल के बयान पर आरोपी बलविंदर सिंह निवासी सुखेरा बोदला जिला फाजिल्का, हरमेश सिंह वासी गुरुहरसहाए, तांत्रिक गुरदीप सिंह और तीन अन्य आरोपी समेत दस के खिलाफ मामला दर्ज किया है।