एटा में प्रेमी की हत्या के बाद बेटी को मारने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश में आरोपी मामा और पिता तीन दिन तक घूमते रहे। इसके बाद जगह मिलने पर उन्होंने बेटी को गोली मार दी और मरा समझकर मलावन में फेंका था। मलावन पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। वहीं अलीगढ़ पुलिस भी लगातार दबिश दे रही है।
कोतवाली देहात के गांव बारथर निवासी अफरोज ने अपने साले और पत्नी के साथ मिलकर बेटी को मलावन क्षेत्र में झाड़ियों में फेंक दिया था। उसको गोली मारी गई थी। बेटी के जिंदा मिलने पर उसने पूरी कहानी बताई तो मामला ऑनर किलिंग का निकला।
आरोपी बेटी को गोली मारकर फेंकने से चार दिन पहले उसके प्रेमी आमिर निवासी अलीगढ़ की हत्या कर चुके थे। इसके बाद से वो बेटी निशा को लेकर भाग आए थे। हालांकि तब तक अफरोज, उसके साले और पत्नी का इस हत्या से नाम नहीं जुड़ा था।
बेटी ने जब आमिर की हत्या का राज खोले जाने की बात कही तो ये लोग घबरा गए और तीन दिन से एटा में जगह बदल-बदल कर रह रहे थे। बारथर गांव के ही एक व्यक्ति ने बताया अफरोज तीन पहले यहां आया था लेकिन ज्यादा देर रुका नहीं।
निशा की हालत में हुआ सुधार
मामला साफ होने पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है, वहीं अलीगढ़ पुलिस भी लगातार दबिश दे रही है। एटा, अलीगढ़ और कासगंज जनपद में आरोपियों के होने की संभावना को देखते हुए पुलिस टीमों द्वारा सभी संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की जा रही है।
निशा को प्राथमिक उपचार के एटा जिला अस्पताल से अलीगढ़ रेफर कर दिया गया, जहां बुधवार को उसकी हालत गंभीर थी। उसे आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया था। हालांकि गुरुवार को उसकी हालत में सुधार हुआ है, लेकिन उसे अभी भी आईसीयू में रखा गया है। पुलिस उसके ठीक होने का इंतजार कर रही है, जिससे पूरा मामला स्पष्ट हो सके।
एएसपी संजय कुमार ने बताया कि लहूलुहान हालत में मिली किशोरी को बुधवार को ही बयान दर्ज कराकर अलीगढ़ भेज दिया गया था। मामला स्पष्ट होने के बाद पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हुईं हैं। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।