उधर, जीरकपुर में गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड (जीबीपी) ग्रुप के मालिकों के गायब होने की सूचना पाकर गुरुवार को जीबीपी के दफ्तर के बाहर निवेशकों की भीड़ लग गई। निवेशकों ने बताया कि ग्रुप के मालिक सतीश गुप्ता उन्हें यह कहकर पैसे लगाने को कहता थे कि उसके प्रोजेक्ट में कई वीआईपी लोगों ने करोड़ों रुपये लगा रखे हैं।
निवेशकों का कहना था कि जीबीपी प्रोजेक्ट रेरा से पास होने के कारण ही उन्होंने पैसा लगाया था लेकिन रातोंरात उनके करोड़ों रुपये डूब जाएंगे, ये उन्होंने नहीं सोचा था। बताया जा रहा है कि जीबीपी ग्रुप में पैसा लगाने वाले लोगों ने एक 10 सदस्यों की कमेटी बनाई है, जो शुक्रवार को एसएसपी मोहाली को लिखित में शिकायत देगी।
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एक महिला निवेशक ने बताया कि उसने बुटीक पर काम कर पांच लाख रुपये जमा किए थे। साथ ही बेटी की शादी के लिए की गई पांच लाख रुपये की एफडी को तुड़वाकर कुल 10 लाख रुपये जीबीपी ग्रुप में निवेश किए थे ताकि अच्छा रिटर्न मिल सके लेकिन अब उसके पास कुछ भी नहीं बचा है। वहीं, एक निवेशक अमित गुप्ता निवासी सावित्री ग्रीन ने बताया कि 24 और 25 अगस्त को वह जीबीपी के मालिक रमन गुप्ता से मिले थे। इस दौरान उसने हंसकर कहा था कि 30 अगस्त के बाद सभी लोग सुखी हो जाएंगे। अमित ने कहा कि वह यह इशारा समझ नहीं पाए थे। बिल्डर के भागने का शक उन्हें पहले से था। उन्होंने चंडीगढ़ सेक्टर-34 थाने में शिकायत भी की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।