सेक्टर-24 चौकी में दीप से मुलाकात के बाद कंचन लगी थी नौकरी
आरोपी कंचन ने बताया कि दो साल पहले वह प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत सेक्टर-24 पुलिस चौकी में कंप्यूटर कोर्स करने आती थी। दो साल बाद उसी चौकी की पहली मंजिल पर स्थित जिला अपराध प्रकोष्ठ ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। सेक्टर-24 चौकी में ही दीप नाम के व्यक्ति से मुलाकात हुई। दीप ने खुद को पुलिसकर्मी बताया था। उसने कंचन को भी पुलिस में भर्ती करवा छह महीने में ज्वाइनिंग लेटर दे दिया।
आरोपी ने उसे आईडी कार्ड दिया और कहा कि टेलर से वर्दी सिलवा ले। छह महीने बाद उसकी ज्वाइनिंग की बात कही। इसके बाद कंचन ने वर्दी पहन ली। वर्ष 2019 में तेजिंदर और कंचन मोहाली की एक कंपनी में नौकरी करते थे। यहां दोनों की मुलाकात हुई थी। कंचन ने तेजिंदर की भी दीप के जरिए नौकरी लगवाई थी।
हर माह आती है खाते में सैलरी
दोनों आरोपियों के बैंक खातों में हर महीने पैसे आते हैं, जिसे आरोपी सैलरी बता रहे हैं। पिछले महीने तेजिंदर के खाते में एक लाख और कंचन के खाते में 18 हजार रुपये आए थे। आरोपियों ने कहा दीप ने उन्हें भर्ती करवाया था। उन्हें खुद अब पता चला कि वह पुलिस में नहीं हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच जारी है। पता लगाया जा रहा है कि खाते में पैसे कहां से आ रहे हैं। इस मामले में कितने लोग संलिप्त हैं।