चंडीगढ़ ग्रुप आफ कॉलेज लांडरां के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू को गोली मारने, संस्था को बरबाद करने और 150 करोड़ रुपये की फिरौती मांगने का मामला सामने आया है। आरोप संस्था के ही पूर्व डायरेक्टर पर लगा है। स्थानीय एसपी (आई) की प्राथमिक जांच के बाद थाना सिटी में पूर्व डायरेक्टर (योजनाबंदी) विकास मल्होत्रा पर धारा 387/506 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
एफआईआर के मुताबिक संस्था के ट्रस्टी राजविंदर सिंह निवासी टीचर कॉलोनी जीरा रोड, मोगा ने डीजीपी को छह अगस्त को शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने कहा कि 31 जुलाई को संस्था के पूर्व डायरेक्टर (योजनाबंदी) विकास मल्होत्रा निवासी गुडविल एनक्लेव, सेक्टर 49सी चंडीगढ़ ने उसको फोन पर धमकी दी कि संस्था के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू को गोली मारने का इरादा बना लिया गया है।
उसके परिवार को भी नहीं छोड़ना है और सभी संस्थाओं को भी बरबाद कर देना है। साथ ही यह भी धमकी दी गई कि जैसे आटे में घुन पिस जाता है, आप भी पिस जाओगे। आरोपी ने करोड़ों रुपये की फिरौती भी मांगी। आरोपी ने कहा कि संस्था ने मेरे पैसे नहीं दिए है। इस पर राजविंदर ने होटल में शाम छह बजे मीटिंग रखने के लिए कहा गया। विकास मल्होत्रा ने धमकी दी कि मीटिंग में कोई गड़बड़ की तो वहीं गोली मार दी जाएगी।
जांच के बाद शनिवार को मामला दर्ज कर लिया गया। शिकायत में विकास मल्होत्रा के अलावा उसकी पत्नी अमरदीप कौर उर्फ अमन सग्गू पर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन पुलिस ने प्राथमिक तफ्तीश में उसे आरोपी करार नहीं दिया। संस्था के चेयरमैन सतनाम सिंह संधू ने शिकायत की जांच मोहाली पुलिस से करवाने से यह कहकर इंकार कर दिया था कि मोहाली पुलिस के कुछ अधिकारी भी इस केस में शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि आरोपी विकास मल्होत्रा ने 150 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। पुलिस के मुताबिक मल्होत्रा लांडरां कॉलेज में बतौर डायरेक्टर (योजना) के पद पर तैनात था और कई साल से सीजीसी लांडरां, घडूंआं और झंजेड़ी स्थित शिक्षा संस्थाओं में निर्माण कार्यों की देखरेख करता था। इसके अलावा उसके पास और भी बहुत सी अहम जिम्मेदारियां थी।
इससे पहले भी इस संस्था के प्रधान रछपाल सिंह धालीवाल की शिकायत पर थाना सोहाना (मोहाली) में 27 मई 2012 को एफआईआर नंबर 70 में धारा 420/406/408 के तहत विकास मल्होत्रा के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था।