अमृतसर के मनीष मल्ली आत्महत्या मामले में कैंटोनमेंट पुलिस ने चट्ठा राइस मिल मालिक जीएस चट्ठा समेत तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मृतक का रविवार को पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिवार को सौंप दिया। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान व डीजीपी गौरव यादव से इंसाफ की गुहार लगाई। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
उधर, सदर थाना प्रभारी हरिंदर सिंह ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। एयरपोर्ट रोड स्थित जुझार सिंह एवेन्यू निवासी दीपिका मल्ली की शिकायत पर कैंटोनमेंट पुलिस ने जीएस चट्ठा, हरजिंदर सिंह उर्फ बोबी और गुरजिंदर सिंह उर्फ बबलू के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। दीपिका ने पुलिस को बताया कि वह अपने पति मनीष मल्ली और दो बेटियों के साथ झुझार एवेन्यू में रहती है। उनका पति कुछ सालों से एक कंपनी का तेल बेचता था।
दीपिका मल्ली ने बताया कि तीनों आरोपियों ने मनीष के जरिये पतंजलि से करीब डेढ़ करोड़ का तेल खरीदा था और उसका भुगतान नहीं कर रहे थे। इसे लेकर उनका पति आरोपियों के पास कई बार चक्कर लगा चुका था। उन्होंने पुलिस को बताया कि आरोपियों के भुगतान नहीं करने पर उनका पति पिछले कुछ समय से काफी परेशान था। आरोपी उल्टा उनके पति को धमकी देते थे और शनिवार को भी मनीष तीनों आरोपियों के पास गया था। जहां चट्ठा ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके पति को जलील किया। उनके पति ने दुखी होकर जहरीला पदार्थ निगल कर अपनी जान दे दी।
एक विधायक का खासमखास है चट्ठा
परिवार के करीबी अरुण कुमार ने बताया कि मृतक मनीष उनका दोस्त था और उसके साथ दिल की हर बात साझा करता था। मनीष ने कुछ दिन पहले उसे बताया था कि आरोपी उसे धमका रहे हैं कि बड़े अफसरों और एक विधायक के साथ उनके नजदीकी संबंध हैं। इसलिए कंपनी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।