कुछ समय पहले दोनों को मिली थी जमानत
गैंगस्टर शुभम गोपी और संजू बामण अच्छे थे। दोनों अवैध हथियार रखने और सप्लाई करने के आरोप में जेल गए थे। दोनों करीब तीन-चार महीने पहले जमानत पर बाहर आए थे और उन्होंने बाहर आते ही अपना गैंग बना लिया। गैंगस्टर गोपी के परिवार वाले संजू के घर के पास शिमला कॉलोनी काकोवाल रोड पर रहते थे लेकिन गोपी की हरकतों की वजह से उन्होंने गांव नूलवाला इलाके में कहीं घर ले लिया था। गोपी के एनकाउंटर के बाद पुलिस काफी समय तक गोपी के परिवार का पता लगाती रही। पुलिस के पास उसके पुराने घर का पता था लेकिन वहां परिवार नहीं था। किसी तरह से पुलिस ने गोपी के परिवार का पता लगाया।
पुलिस इतनी जल्दी बड़ी कार्रवाई कर देगी... सोचा नहीं था: संभव जैन
होजरी कारोबारी संभव जैन ने पुलिस का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि सोचा नहीं था कि पुलिस इतनी जल्दी इतनी बड़ी कार्रवाई करेगी। अगर पुलिस की ऐसी कार्रवाई नहीं होती तो कई और कारोबारियों के साथ घटना हो सकती थी। गैंगस्टरों की धमकियों के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने संभव जैन और उनके परिवार की सुरक्षा में पुलिस मुलाजिमों को तैनात किया है। इसके अलावा संभव जैन के घर के आसपास भी पुलिस गश्त करती नजर आई। पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चाहल अधिकारियों के साथ उन्हें मिलने पहुंचे।
सिर पर गोली लगने से हुई दोनों की मौत
गैंगस्टर संजू बामण और शुभम गोपी के शवों का गुरुवार की शाम पोस्टमार्टम हुआ। रिपोर्ट के अनुसार संजू संजू बामण के सिर, दोनों कंधों, पेट और हाथ पर गोली लगी। सिर में लगी गोली निकाल कर पुलिस के हवाले कर दी गई है, जबकि बाकी पांच गोलियां आर-पार हो गई थीं। सिर में लगी गोली की वजह से संजू की मौत हुई है। गैंगस्टर गोपी को दो गोलियां लगी हैं। एक गोली सिर में और दूसरी गोली छाती के पास लगी है। दोनों गोलियां आर-पार हो गईं। सिर में लगी गोली के कारण गैंगस्टर गोपी की भी जान गई है।