रोजाना पेट्रोल पंप पर आने वाली नकदी को लेकर आरोपियों ने लूट की साजिश रची। आरोपियों ने इसी पंप से नौकरी छोड़ने वाले जतिन से बात की। जतिन इस समय एक सिक्योरिटी सर्विस में काम करता था। अधिक पैसों का लालच और जल्द में अमीर बनने के लालच में जतिन भी मान गया।
ऐसे तय किया वारदात का दिन
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने साजिश रची थी कि जिस दिन ज्यादा नकदी होगी उसी दिन लूट की वारदात को अंजाम दिया जाएगा। मैनेजर प्रदीप के साथ अक्सर मंजीत सिंह पैसे जमा कराने बैंक जाता था। अकाउंटेंट सागर से हिसाब करने और पैसे लेकर ही प्रदीप और मंजीत रोजाना निकलते थे। इस कारण आरोपियों को पूरी जानकारी थी।
सागर हिसाब कर पहले ही चला गया और जतिन के साथ बाइक पर हो गया। जैसे ही प्रदीप और मलकीत पैसे लेकर पंप से निकले तो मलकीत ने दोनों को जानकारी दे दी। प्रदीप गाड़ी पार्क कर रहा था। इसी दौरान प्लानिंग के मुताबिक मलकीत पहले ही पैसे वाला बैग लेकर बाहर निकल गया। इसी दौरान आरोपी बैग लेकर फरार हो गए। जब प्रदीप गाड़ी लगाकर निकला तो मलकीत ने उसे बताया।
पूछताछ में गहराया शक... और खुल गया राज
पुलिस ने जब मलकीत से पूछताछ की तो वह सही से जवाब नहीं दे सका। इस कारण पुलिस का शक और गहराने लगा। सीसीटीवी कैमरे से जब फोटो सामने आई तो पता चला कि यह एक पुराना मुलाजिम जतिन है। इसके बाद जतिन का पता लगाया तो पता चला कि बाइक पर सवार कोई और नहीं बल्कि पंप का अकाउंटेंट सागर ही है। इसके बाद पुलिस ने तीनों को काबू कर लिया। पुलिस अब पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने करीब दो लाख रुपये कहां खर्च किए हैं।