राज बहादुर ने बताया कि गायत्री देवी उसकी दूसरी पत्नी है, उसने अपनी पहली पत्नी की मौत के बाद गायत्री देवी से शादी की थी। वह रोजाना की तरह गुरुवार को अपने काम पर चला गया था। शाम को साढ़े चार बजे उसने पत्नी से फोन पर बात की तो सब ठीक था। साढ़े पांच बजे दोबारा फोन किया तो उसने फोन नहीं उठाया। इसके बाद कई बार फोन करने पर भी जब गायत्री ने फोन नहीं उठाया तो वह घर आ गया।
यहां आकर देखा तो उसके कमरे पर बाहर से ताला लगा था। उसने सोचा कि उसकी पत्नी सब्जी लेने बाजार गई होगी। इसके बाद उसने काफी देर इंतजार किया लेकिन जब पत्नी नहीं लौटी तो उसे शक हुआ। उसने कमरे का ताला तोड़कर अंदर जाकर देखा तो बिस्तर पर पत्नी खून से लथपथ पड़ी थी। वहीं पड़ोसी के कमरे पर भी ताला लगा था।
उसने नीचे आकर आसपास पूछा तो उन्होंने बताया कि चार बजे पवन और सलोनी धूप सेक रहे थे। इसके बाद शाम के समय दोनों चार बैग में अपना सामान भरकर बच्ची के साथ कहीं चले गए थे। वह मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। राज बहादुर ने पुलिस को बताया कि पवन और सलोनी ने ही उसकी पत्नी की हत्या की है। जबकि राज बहादुर ने हत्या का कोई कारण नहीं बताया।
थानाध्यक्ष दीपिंदर सिंह बराड़ ने बताया कि राजबहादुर के बयान दर्ज कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि अभी हत्या के कारण का खुलासा नहीं हुआ है लेकिन प्राथमिक जांच में सामने आया है कि दोनों पड़ोसियों में आपस में झगड़ा हुआ था। इसके बाद आरोपी दंपती ने गायत्री देवी की हत्या कर दी है। उन्होंने पहले गायत्री का गला घोंटा और इसके बाद चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी।