उन्होंने कहा कि उनको शिकायत मिली है कि उसने रणधीर सिंह की पत्नी की सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर 27 से 28 लाख की धोखाधड़ी की है। साथ ही कहा कि उसके पैसे लौटा दे नहीं तो तेरे खिलाफ केस दर्ज हो जाएगा। इसके बाद वह थाने पहुंचा तो चेंबर में एसएचओ जसविंदर कौर, रणधीर सिंह, भगवान सिंह, निरपिंदर सिंह के साथ बैठी हुईं थीं।
आरोप है कि एसएचओ समेत अन्य लोगों ने उसके साथ गाली-गलौच की और रुपये नहीं देने पर केस दर्ज करने की धमकी दी। आरोप है कि इस दौरान केस को सेटल करने की एवज में पांच लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई। सौदा तय होने के बाद एक जुलाई तक रिश्वत के पूरे पैसे देने को कहा गया। इसके बाद बीते 19 जून को संगरूर के मेहलन चौक पर भगवान सिंह नामक शख्स को गुरदीप ने रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर दो लाख रुपये दे दिए।
शिकायत के बाद सीबीआई की जांच में सामने आया कि जसविंदर कौर और भगवान सिंह एक दूसरे के साथ पिछले काफी समय से संपर्क में हैं। इन दोनों की कई बार व्हाट्सएप पर भी कॉलिंग हुई है। इसके बाद सीबीआई ने आरोपी भगवान सिंह को सोमवार को मोहाली से रिश्वत की दूसरी किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
21 जून को सादे पेपर पर करवाया हस्ताक्षर
आरोप है कि 21 जून को थाना प्रभारी जसविंदर कौर ने गुरदीप को फोन कर थाने के चेंबर में बुलाया। इस दौरान जबरन गुरदीप से एक सादे पेपर पर यह कहकर हस्ताक्षर करवा लिए गए ताकि उसने एक जुलाई तक बाकी के तीन लाख रुपये नहीं दिए तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा सके। इसके बाद शिकायतकर्ता ने मामले की शिकायत सीबीआई को दे दी।
थाने में छापेमारी के बाद सीबीआई ने एसएचओ जसविंदर कौर को मंगलवार दोपहर तीन बजे सेक्टर-30 स्थित सीबीआई दफ्तर में बुलाया था। सूत्रों के मुताबिक, जसविंदर कौर ने अपनी खराब सेहत का हवाला देकर सीबीआई दफ्तर आने से इंकार कर दिया। सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए जसविंदर कौर ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर दी है।
शिकायतकर्ता और बिचौलिया के बीच फोन पर हुई बातचीत
- शिकायतकर्ता- फिर दोबारा चेक लगाया है, आज शायद शाम तक पेमेंट आ जाएगी खाते विच
- बिचौलिया- हूं
- शिकायतकर्ता- आ गल है
- बिचौलिया- चलो पेमेंट ता हाथ विच ले, अपा असी ते फिर गल करिए, मैंनू ता लगदा जे पैसे नहीं बनदे ठीक है के नहीं, फिर ते पर्चा दवा देना है तेरे ते।
- शिकायतकर्ता- नहीं, तुसी मेरी विनती एक सुनो, तुसी बाई जी साब कुछ कर सकते हो, जे हुन एसएचओ मैडम नू तुसी कुछ कहो, वो तुहाडी गल टाल नहीं सकदी है, इन्हा नू थोड़ी जांदी है, तुहाडे नाल ता इन्ना प्यार है, कह सकदे हो ना, भरा वास्ता जे इंहा नी कह सकदे, यार मैं उसे करके आया सी, वी मै जाऊंगा मिन्नत करके लाऊंगा, यार एक बारी पैरी हाथ ला लूंगा, तो उते तो नहीं कुछ हो सकदा।
- बिचौलिया- हूं
- शिकायतकर्ता- हां जी बाकी ता कृपा है, चेक ता क्लियर हो गया अपना
- बिचौलिया- हूं
- शिकायतकर्ता- मंडे नू मैं दे दूंगा, दो लाख दा जुगाड़ कर दूंगा
- बिचौलिया- हुन अपने कोल एक लाख दा चेक क्लियर हो गया
- शिकायतकर्ता- लाख दा चेक क्लियर हो गया
- बिचौलिया- हूं
- शिकायतकर्ता- हुन अगली गल तुसी करनी है सारी, तुसी पर्ची वाली गल करके, केड़ा छुड़वाना असे गल विच ना पाए, तुसी बाई जी चंगे लगदे ओ बाई एह गल करदे मेरे नाल
- बिचौलिया- हूं, कोई गल नहीं
अक्टूबर 2017 को सीबीआई ने सेक्टर 31 थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर मोहन सिंह को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मोहन सिंह ने 307 के एक केस से तीन आरोपियों को बाहर करने की एवज में नौ लाख रुपये मांगे थे। इस केस में नौ लाख में से आठ लाख की रिश्वत लेने में तत्कालीन थाना प्रभारी जसविंदर कौर का भी नाम सामने आया था।
इसके बाद आला अधिकारियों ने जसविंदर कौर को लाइन हाजिर कर दिया था। इस केस में शिकायतकर्ता प्रेम कुमार ने आरोप लगाया था कि थाना प्रभारी बलदेव कुमार, राजदीप सिंह, अमनजोत सिंह और जसविंदर कौर उस पर बयान से मुकरने का दबाव डाल रहे हैं। इसके बाद सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने बीते 29 जून को इन चारों के खिलाफ एसएसपी यूटी को करवाई करने के आदेश दिए थे।
रिश्वतखोरी में चंडीगढ़ पुलिस
- जून 2020 में सीबीआई ने 14 हजार रुपये की रिश्वत मांगने पर मलोया थाने के तीन कांस्टेबलों पर करवाई की।
- जनवरी 2019 में सीबीआई ने मौलीजागरां एसएचओ बलजीत सिंह समेत कांस्टेबल सुरिंद्र राठी को 45 हजार रुपये रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था।
- जनवरी 2018 में सीबीआई ने सेक्टर-31 थाने में तैनात एसआई राजबीर पर दस हजार की रिश्वत मामले में लगाया ट्रैप।
- मई 2018 में सीबीआई ने इंडस्ट्रियल थाने में तैनात एसआई सेवा सिंह को पांच हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
- अक्टूबर 2017 में सेक्टर-31 थाने में तैनात एसआई मोहन लाल को सीबीआई ने नौ लाख रुपये रिश्वत मांगने और दो लाख रुपये लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
- दिसंबर 2015 को सीबीआई ने सेक्टर-3 थाने में तैनात एसआई सेवा सिंह को भी रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।
- 2014 में सीबीआई ने डीएसपी रामचंद्र मीणा समेत एसआई सुरिंदर भारद्वाज को भी रिश्वत केस में गिरफ्तार किया था।
- 2012 में सीबीआई ने आईपीएस, देसराज सिंह और यूटी पुलिस के ही तत्कालीन एसएचओ अनोख सिंह से एक लाख रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था।