सीबीआई की विशेष अदालत ने बैंक के तीन मैनेजरों समेत छह को तीन-तीन साल की सजा का सुनाई है। साथ में कोर्ट ने दोषियों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
वहीं, कोर्ट ने इस मामले में हरियाणा के सोनीपत स्थित सतीश कुमार को अदालत सबूतों के अभाव में बरी कर चुकी है। सोमवार को कोर्ट ने ओबीसी बैंक के डिप्टी जनरल मैनेजर आरएस बिंद्रा, डिप्टी जनरल मैनेजर (इंस्पेक्शन) एससी मल्होत्रा, चीफ मैनेजर बठिंडा आरके उप्पल और कंपनी के मालिक अग्रवाल सेल्स के संदीप कुमार और दिल्ली के विनय मेहरा ने आपस में मिलकर अपनी कंपनी के लिए तय सीमा से ज्यादा लोन ले लिया था।
इस तरह दोषियों ने करीब 6 करोड़ 12 लाख रुपये का लोन ले लिया था। जबकि नियमों और दस्तावेजों के अनुसार इन्हें इतना लोन नहीं दिया जा सकता था। इस मामलेे में आरोपी बनाएं गए बैंक के जनरल मैनेजर पीके शर्मा की ट्रायल के दौरान पहले ही मौत हो गई थी।
आरोपों के मुताबिक बैंक के चीफ मैनेजर आर के उप्पल ने दस्तावेजों से हेरफेर कर और गलत तरीके से इनका इस्तेमाल कर आरोपियों के कंपनी के नाम पर खाता खोला था। इसके बाद उनका करीब 6.12 लाख रुपये का लोन जारी किया था।