यूको बैंक से लगभग 6 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में आरोपी एमएस हाईटेक फोर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर सेक्टर-19बी निवासी सुखमिंदर सिंह की जमानत याचिका ज्यूडीशियल मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दी। यूको बैंक के जोनल मैनेजर की शिकायत पर इंडस्ट्रियल एरिया थाना पुलिस ने 16 जुलाई 2015 को सुखमिंदर सिंह, वीरेंद्र सिंह और सतपाल कश्यप के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया था। वीरेंद्र और सतपाल पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं।
ये है मामला
यूको बैंक के जोनल आफिस की ओर से एसएसपी को दी शिकायत में कहा गया था कि इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एमएस हाईटेक फोर्स के मैनेजिंग डायरेेक्टर सुखमिंदर सिंह, कमल शर्मा और मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के सोलन निवासी विरेंद्र सिंह (सेल्स मैनेजर) व अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, गबन, जालसाजी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया जाए। जोनल मैनेजर के अनुसार कंपनी और इसके डायरेक्टर्स को लोन के तौर पर पैसे दिए गए थे।
इस रकम को बैंक से कैश करवा लिया गया था। आरोप के मुताबिक आरोपियों ने कुछ कर्जदारों के साथ साजिश के तहत अपने उन सभी व्हीकल्स की बिक्री क प्रमाण पत्र दिखाए जो बैंक ने फाइनेंस किए थे। इसके साथ ही इनवॉयस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की फोटोकॉपी समेत अस्थायी नंबर जमा करवाए, ताकि व्हीकल्स की डिलीवरी की जाए। जांच में पता चला कि आरोपियों ने एक दूसरे व अन्य के साथ साजिश के तहत बैंक द्वारा फाइनेंस किए गए वाहन डिलीवर नहीं किए।
ऐसे में फाइनेंस किए गए कामर्शियल व्हीकल्स की सेल को लेकर बैंक के साथ रुपये की गड़बड़ी की गई। बैंक जांच में संबंधित कागज फर्जी पाए गए। आरोपियों ने जाली इंजन व चेसिस नंबर बैंक को दिए। ऐसे में 56 व्हीकल्स की डिलीवरी नहीं की गई, जिन्हें बैंक ने फाइनेंस किया। बैंक अधिकारी के अनुसार आरोपियों ने इस तरह बैंक से 5 से 6 करोड़ रुपये की ठगी की है। बैंक ने इस मामले की शिकायत पहले 19 मार्च 2014 को सीबीआई को भी दी थी। लेकिन उन्होंने पुलिस से जांच करवाने को कहा गया था।