एक गोली प्रदीप के हाथ से रगड़ती हुई निकल गई। प्रदीप के साथी सुनील, मंजीत, रवि, प्रदीप, लक्षित आदि ने भागकर जान बचाई। आरोप है कि हमलावरों ने प्रदीप को दुष्यंत चौटाला द्वारा गिफ्ट में दी गई फार्च्यूनर और लक्की की आई-20 कार में जमकर तोड़फोड़ की। प्रदीप के भाई अनिल से उसकी लाइसेंसी रिवाल्वर और करीब 30 हजार की नकदी लूट ली। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार हो गए। मामले की सूचना पाते ही पुलिस मौके पर पहुंची। देर रात तक किसी आरोपी को पकड़ा नहीं गया था।
विरोध में एक घंटे लगाया जाम
उधर, प्रदीप पर हमले के बाद दोपहर करीब तीन बजे इनसो कार्यकर्ताओं और अन्य छात्रों ने एमडीयू के गेट नंबर दो के बाहर दिल्ली रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस और एमडीयू प्रशासन की लापरवाही से हमले का आरोप लगाया। करीब एक घंटे तक जाम लगाए रखा। बाद में एसडीएम राकेश कुमार के जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी के आश्वासन पर जाम खोला गया।
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने इनसो के प्रदेशाध्यक्ष पर हमला कराया है। पुलिस को जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करना चाहिए। - अजय चौटाला, पूर्व सांसद
जिन हमलावरों का नाम बताया जा रहा है, वह एनएसयूआई के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं। इस तरह बगैर सबूत किसी संगठन का नाम लेना ठीक नहीं। - प्रदीप घनघस, प्रांतीय महासचिव, एनएसयूआई
इनसो के प्रदेश अध्यक्ष पर हमला करने के मामले में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं समेत 24 के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।- जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी रोहतक