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यूपी: बेखौफ बदमाशों ने जेल के बंदी रक्षक पर बरसाई ताबड़तोड़ गोलियां, पत्नी से मारपीट, तोड़फोड़

Fri, 04 Jan 2019 08:23 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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घायल पति-पत्नी - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के सहारनपुर में आधा दर्जन शस्त्र बदमाशों ने देवबंद उप कारागार परिसर स्थित एक बंदीरक्षक मुन्ना खां के आवास पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने जेलर के नाम से मकान का दरवाजा खुलवाया और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान पैर में गोली लगने से मुन्ना खां घायल हो गए, बीच बचाव करने आई उनकी पत्नी के साथ भी बदमाशों ने मारपीट की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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बंदीरक्षक एचसीपी मुन्ना खां ने कोतवाली में दी तहरीर में बताया कि वह उपकारागार में बंदीरक्षक के रुप में तैनात है। रात्रि में वह घर में सोया हुआ था। करीब 11.30 बजे किसी व्यक्ति ने दरवाजा खटखटाया। आंख खुलने पर वह आवाज को पहचाने लगा, लेकिन इसी दौरान बाहर खड़े लोगों ने धक्का मारकर दरवाजे को खोल दिया। दरवाजा खुलते ही आधा दर्जन से अधिक बदमाश घर में घुस गए और आते ही उन्होंने उसके सिर पर मस्कट से हमला कर दिया। जिसमें वह घायल हो गया और बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। इस दौरान पत्नी कमरुनिशा ने बीच बचाव का प्रयास किया तो बदमाशों ने उसके सिर पर भी मस्कट से हमला कर उसे घायल कर दिया।

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आरोप है कि बदमाशों ने बेहोशी की हालत में बंदीरक्षक के पैर में गोली मारी। शोर मचाने पर बदमाश फायरिंग करते हुए वहां से फरार हो गए। मुन्ना खां के मुताबिक पत्नी ने बेटे को फोन कर घटना की जानकारी दी। जिससे सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। घायल मुन्ना खां ने बताया कि बदमाशों की संख्या सात थी जो 20 से 25 वर्ष की उम्र के थे। जिन्होंने दरवाजा खुलवाने के लिए आवाज देकर कहा कि जेलर साहब ने बुलाया है एक बंदी बीमार है। उसके मुताबिक वह हमलावरों को नहीं जानता है। 

पुलिस आने के बाद हुई घटना की जानकारी: जेलर
जेलर एमपी सिंह ने बताया कि बंदीरक्षक मुन्ना खां बुजुर्ग हैं। जो बांदा के रहने वाले हैं। सात माह पूर्व ही उनका मुजफ्फरनगर से देवबंद जेल में ट्रांसफर हुआ है। जिसके चलते उनका किसी से कोई विवाद भी नहीं है। वह कुछ समय से ट्रांसफर कराने की मांग कर रहे हैं। मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। क्योंकि घटना के बाद इन्होंने किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को घटना के बारे में नहीं बताया। पुलिस के आने के बाद ही उन्हें घटना की बाबत जानकारी हुई। सच्चाई का अभी पता नहीं चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। 

आवासीय परिसर में फायरिंग होना जेल सुरक्षा पर खड़े कर रहा सवाल
उपकारागार के आवासीय परिसर में घुसकर बदमाशों द्वारा बंदीरक्षक और उसकी पत्नी पर फायरिंग किए जाने की घटना बेहद गंभीर मामला है। बदमाशों का जेल के आवासीय परिसर में घुसकर फायरिंग करना और आसानी से फरार हो जाना कहीं न कहीं जेल की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।

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