उन्होंने बताया कि तीन दिन पहले हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के कई आर्किटेक्ट को स्टेट विजिलेंस की टीम ने कार्यालय बुलाया था। पहले गिरफ्तार हुए तीन आरोपी एचएसवीपी के अधिकारी थे लेकिन विभाग के बाहर की ये पहली गिरफ्तारी है। उसके पास से नक्शे की कुछ फाइल के रिकॉर्ड को भी जब्त किया गया। विजिलेंस ने दस्तावेजों के साथ आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई को लेकर दफ्तर में हड़कंप
आर्किटेक्ट की गिरफ्तारी के बाद एचएसवीपी के कार्यालय के साथ-साथ उन आर्किटेक्ट व अन्य लोगों में भी खलबली मच गई है, जिन्हें विजिलेंस ने पूछताछ के लिए कार्यालय बुलाया था। विजिलेंस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। सूत्रों के अनुसार आरोपी ने कुछ लोगों के नाम और बताए हैं। जिनके साथ मिलकर वह कामकाज करता था। विजिलेंस की टीम ऐसे संदिग्ध लेगों से भी पूछताछ करने में जुटी है।
जेई प्रद्युम्न से मिली थी 19.94 लाख की रकम
भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के जेई को पहले स्टेट विजिलेंस गिरफ्तार कर चुकी है। जेई से 19.94 लाख रुपये की रकम 31 अगस्त को गिरफ्तार करने के बाद घर से बरामद की गई थी। जिसमें से ईओ दीपक घणघस को आठ लाख रुपये देने थे। इससे पहले ईओ को पांच लाख रुपये मिल चुके थे। विजिलेंस की जांच में सामने आया कि जेई प्रद्युम्न, ईओ दीपक घणघस दोनों मिलकर आर्किटेक्ट के जरिए रिश्वत लेते थे।