डॉक्टर का अपहरण करके जिन गैंगस्टरों गोपी घनश्यामपुरिया और हैरी चड्डा ने साढ़े सात लाख की फिरौती वसूली और रविवार को दोबारा 60 लाख रुपये की डिमांड रखी, वे छेहरटा में नकली पहचान के साथ छुपे हुए थे। यह जानकारी पुलिस के हाथ लगी है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस मान रही है कि गैंगस्टर किसी बड़ी वारदात के लिए पैसों का इंतजाम कर रहे हैं। जिस तरह से फिरौती वसूलने के बाद फिर से 60 लाख की रकम मांगी गई है उससे साफ जाहिर होता है कि गैंगस्टरों ने जो प्लान बनाया है उसमें कई ऐसे लोग निशाने पर हैं जिनसे गैंगस्टर फिरौती वसूलने के मंसूबे पाले हैं। गैंगस्टर रेकी करके सारी प्लानिंग कर रहे हैं।
पुलिस ने दोनों गैंगस्टरों को गिरफ्तार करने के लिए एसटीएफ की मदद मांगी है। एसटीएफ के साथ-साथ सभी सुरक्षा और खुफिया एजेंसियां भी दोनों गैंगस्टरों तक पहुंचने की कवायद में हैं। दोनों गैंगस्टर विक्की गौंडर के साथी हैं। हैरी और चड्डा दोनों एक साथ कई वारदात को अंजाम दे चुके हैं।
इनमें गुरदासपुर में एक साथ तीन लोगों के मर्डर और 17 मई को रंजीत एवेन्यू में आईलेट्स अकादमी चलाने वाले शख्स को अगवा करने की कोशिश शामिल है। सूत्रों के अनुसार गैंगस्टरों ने अमृतसर के करीब छह डॉक्टरों से फिरौती वसूली है। वहीं डॉ. मनीष को गनमैन दे दिए गए हैं, घर के बाहर सिक्योरिटी लगा दी गई है।