होशियारपुर जिले के एक व्यक्ति से बेटे को कनाडा भेजने के नाम पर एक इमीग्रेशन कंपनी ने ठगी की है। व्यक्ति का आरोप है कि कंपनी वाले उसके बेटेे को कनाडा भेजने के नाम पर पहले मुंबई फिर नेपाल ले गए। इसके बाद नेपाल में आरोपियों ने उसके बेटे के सिर पर पिस्तौल लगा दी। साथ कहा कि अपने पिता फोन करो। फोन पर बेटे ने बताया कि वह कनाडा पहुंच गया है।
इसके बाद उन्होंने कंपनी के मुलाजिमों को यहां 23 लाख का भुगतान कर दिया। जब युवक काफी दिन बाद शहर पहुंचा तो उसने पूरी जानकारी दी। इसके बाद इस संबंध में स्टेट क्राइम ब्रांच को शिकायत दी। स्टेट क्राइम ब्रांच ने आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान गुरप्रीत सिंह गोगी निवासी होशियारपुर के रूप में हुई है। आरोपी को शनिवार अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। स्टेट क्राइम ब्रांच के डीएसी हरजिंदर सिंह ने कहा कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
आरोपियों ने ऐसे फंसाया था जाल में
जानकारी के मुताबिक यह मामला करीब एक साल पुराना है। शिकायतकर्ता मदन लाल गर्ग ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि उन्होंने अपने बेटेे रवि को कनाडा भेजने की योजना बनाई थी। इस बीच उसे आरोपी की कंपनी के बारे में पता लचा था। आरोपी ने होशियारपुर स्थित भोगपुर में अपना आफिस खोला हुआ था।
पूरे राज्य में उसने अपने एजेंटों के माध्यम से नेटवर्क बनाया हुआ था। प्रत्येक केस पर उनको कमीशन देता था। इसके अलावा अखबारों व अन्य संचार साधनों पर विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। इस दौरान उसने कहा गया कि था कि जब उसका बेटा बाहर पहुंच जाएगा तो उन्हें भुगतान करना होगा। लेकिन आरोपी उससे ठगी कर फरार हो गए थे।
होशियारपुर पुलिस ने नहीं की सुनवाई
इमीग्रेशन कंपनी ने की ठगी
- फोटो : Demo Pic
पीड़ित ने बताया कि इससे पहले उन्होंने इस संबंध में होशियारपुर पुलिस को शिकायत दी थी। लेकिन वहां की पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की। इसके बाद वह डीजीपी के सामने पेश हुए थे। फिर डीजीपी ने उनका केस स्टेट क्राइम ब्रांच को रेफर कर दिया था। इसके बाद आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा आरोपी से पूछताछ चल रही है। जल्द ही कई अन्य राज खुलेंगे।
एनआरआई बनने के चक्कर में हो गए कंगाल
राज्य के युवाओं में विदेश जाकर कमाने और बसने का क्रेज बहुत अधिक है। इस बात का इमीग्रेशन कंपनियां भी पूरा फायदा उठा रहीं हैं। इमीग्रेेशन फ्राड के सबसे ज्यादा केस मोहाली में सामने आते हैं। कंपनियां रातों रात लाखों रुपये लेकर फरार हो जातीं हैं। लेकिन इसके बाद भी लोगों की नींद नहीं खुल रही है। जबकि पुलिस विभाग पहले ही साफ कर चुका है कि कंपनियों की जांच करके ही पैसे लगाएं।