दोआबा कॉलेज में कंप्यूटर के असिस्टेंट प्रोफेसर मोहित शर्मा ने शनिवार देर शाम शताब्दी एक्सप्रेस के नीचे आकर जान दे दी। सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि वे ससुर द्वारा पिता की बेइज्जती किए जाने से आहत थे।
रविवार को परिजनों ने जीआरपी को बयान देने से इंकार कर दिया है। घरवालों के बयान न मिलने पर जीआरपी ने 174 के तहत कार्रवाई की है। रविवार को मोहित का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
मोहल्ला इस्लामगंज के रहने वाले मोहित शर्मा के पिता बनवारी लाल ब्रजवासी सनातन धर्म मंदिर के पुजारी हैं। मोहित की एक साल पहले ही शादी हुई थी। घरेलू क्लेश से दुखी मोहित ने शनिवार को शताब्दी के नीचे आकर खुदकुशी की थी। जीआरपी को उनका शव रामनगर फाटक के पास बरामद हुआ था।
ट्रेन के नीचे आने से शव के दो टुकड़े हो गए थे। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट मिला था, जिसमें लिखा है कि ससुर महेश ने पिता बनवारी लाल की इतनी बेइज्जती की कि वह अस्पताल में दाखिल हो गए। ससुर की बातें सुन पिता को हार्टअटैक आ गया।
मेरा जीने का मन नहीं कर रहा। मेरी वाइफ एक सॉरी फील कर लेती तो यह सब न होता। मेरी पत्नी गर्भवती है और अगर वह बच्चे को जन्म देगी तो मेरी आत्मा को शांति पहुंचेगी।
जीआरपी के एएसआई पवित्र सिंह ने कहा कि परिजनों ने बयान देने से मना कर दिया। इसलिए 174 की कार्रवाई की गई।