एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बुधवार को नीलोखेड़ी चौकी प्रभारी को 80 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। लुधियाना निवासी शिकायतकर्ता को पुलिस ने नोटों पर पाउडर लगाकर भेजा था। चौकी के अंदर ही एसआई को रिश्वत लेते दबोचा गया। चौकी प्रभारी शिकायतकर्ता पर उसके पिता और बहन को लेनदेन और मारपीट के केस में फंसाकर जेल भेजने का लगातार दबाव बना रहा था। शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।
बता दें कि लुधियाना निवासी शिकायतकर्ता का नीलोखेड़ी के कुछ लोगों से लेनदेने को लेकर झगड़ा हो गया था। इस मामले में जनवरी में शिकायतकर्ता के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले में चौकी प्रभारी एसआई संजय कुमार शिकायतकर्ता की बहन और उसके पिता को फंसाने और जेल भिजवाने का लगातार दबाव बना रहा था। इसके लिए आरोपी एसआई ने शिकायतकर्ता से कहा कि वह डिस्क्लोजर रिपोर्ट में उसकी बहन और पिता का नाम नहीं जोड़ेगा। इसके बदले एसआई ने शिकायतकर्ता से एक लाख रुपये की मांग की।
एसआई के लगातार दबाव बनाने से शिकायतकर्ता काफी दुखी हो गया था। बाद में एंटी करप्शन ब्यूरो करनाल को मामले के बारे में बताया। टीम ने आरोपी एसआई को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शिकायतकार्ता को 80 हजार रुपये लेकर एसआई को देने के लिए भेजा। नोटों पर पाउडर लगा था और जैसे ही एसआई ने रकम पकड़ी तो टीम ने छापेमारी कर दी।
आरोपी को टीम ने 80 हजार की रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी के इंस्पेक्टर संदीप कुमार का कहना है कि लेनदेन और मारपीट के झगड़े के केस में शिकायतकर्ता की बहन और पिता को फंसाने के लिए एसआई ने दबाव बनाया। इसके लिए एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी। एसआई को 80 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है।