जब पुलिस उसके भाई को सिविल अस्पताल लेकर आई तो डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिविल अस्पताल में उपचार के दौरान दर्शन सिंह का एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें उसने शेलर में जहर देने का आरोप लगाया है और यह शेलर बड़े कारोबारियों का बताया जा रहा है। इस वीडियो में वह उन कारोबारियों के नाम बता रहा है, जिन्होंने पुलिस से मिलकर उसे जहर दिया।
इससे गुस्साए परिजनों ने अकाली नेताओं पर कार्रवाई को लेकर सिविल अस्पताल के बाहर धरना लगा दिया। थाना सुल्तानपुर लोधी के एसएचओ सरबजीत सिंह ने पुलिस पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने बताया पुलिस तो खुद उसे अस्पताल लेकर गई। उसे किसी ने जहर नहीं दिया, बल्कि उसने खुद जहर निगला है।
एसएचओ ने माना कि उसे डीएसपी ऑफिस से भेजी पुलिस की ओर से बुलाया गया था। वहां पर दर्शन सिंह के अलावा दिनेश धीर व उसके साथी भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि पूर्व नगर काउंसिल प्रधान व कारोबारी दिनेश धीर और उनके बड़े भाई राकेश धीर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।