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गन्ने के खेत में मिला लापता प्रेमी युगल का शव, लड़की के गले में फंदा तो लड़के का चेहरा था कुचला

Sat, 15 Dec 2018 05:41 PM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हापुड़
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हापुड़ के धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 दिन से लापता प्रेमी युगल की हत्या कर दी गई। शुक्रवार दोपहर दोनों के शव एक गन्ने के खेत में मिले। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने से मामला ऑनर किलिंग का लगता है। मृतका के परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है।

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 पुलिस के मुताबिक एक गांव में स्वर्गीय हरकेश के बड़े बेटे लाखन उर्फ निक्की (20) का अपने ही बिरादरी की एक किशोरी (16) से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों 14 दिन से लापता थे। तभी से थाना पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। घास काटने गई महिलाओं ने दोपहर उनके शव गन्ने के खेत में पड़े देखकर शोर मचाया।

तभी वहां ग्रामीणों की भीड़ जुट गई, जिन्होंने दोनों की शिनाख्त कर परिजनों और पुलिस को सूचना दी। लड़की के गले में रस्सी का फंदा कसा था तथा लड़के का चेहरा एक तरफ से कुचला हुआ था। 
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एसपी संकल्प शर्मा ने घटनास्थल का जायजा लेने के बाद बताया कि 14 दिन पूर्व मृतका के पिता ने धौलाना थाने में बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में मृतक लाखन व उसकी बहन, बहनोई, मां समेत पांच परिजनों को नामजद किया गया था। एसपी ने ऑनर किलिंग की घटना से इंकार तो नहीं किया, लेकिन कहा कि सभी एंगल से मामले की जांच करा रहे हैं, उसके बाद कुछ कह सकेंगे।

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पुलिस की लापरवाही उजागर

धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेमी युगल की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अगर पुलिस उनके लापता होने की सूचना को गंभीरता से लेकर जांच शुरू कर देती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।

मृतक के पास मोबाइल थे, फिर भी पुलिस ने सर्विलांस तक की मदद नहीं ली और युवक के चाचा को पकड़कर थाने से छोड़ दिया गया। हद तो यह है कि पुलिस हत्या मामले को आत्महत्या बताती रही। 

पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतका के पिता ने एक दिसंबर को तहरीर देकर अपनी बेटी के अपहरण और हत्या की आशंका जताई थी। फिर भी पुलिस ने किशोरी को भगाने की धारा में मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर दी।

हालांकि पुलिस ने लड़के के चाचा को पूछताछ के लिए उठाया था, लेकिन बाद में थाने से छोड़ दिया।  शुक्रवार को जब दोनों के शव गन्ने के खेत से मिले, तब पुलिस को वहां दो मोबाइल, बीड़ी के बंडल आदि सामान मिला है।

संभवत: दोनों मोबाइल का प्रयोग करते थे। दोनों के शव देखने वालों ने यही आशंका जताई थी कि दोनों की हत्या हुई है, लेकिन थाना पुलिस आला अफसरों को यही बताती रही कि जहर खाकर आत्महत्या का मामला लगता है।  सवाल यह है कि क्या पुलिस ने 14 दिनों में उनके फोन सर्विलांस पर नहीं लगाए और अगर लगाए थे तब उनके क्षेत्र में ही होने की लोकेशन क्यों ट्रेस नहीं हुई।
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