धौलाना थाना क्षेत्र के एक गांव में प्रेमी युगल की हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। अगर पुलिस उनके लापता होने की सूचना को गंभीरता से लेकर जांच शुरू कर देती तो उनकी जान बचाई जा सकती थी।
मृतक के पास मोबाइल थे, फिर भी पुलिस ने सर्विलांस तक की मदद नहीं ली और युवक के चाचा को पकड़कर थाने से छोड़ दिया गया। हद तो यह है कि पुलिस हत्या मामले को आत्महत्या बताती रही।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मृतका के पिता ने एक दिसंबर को तहरीर देकर अपनी बेटी के अपहरण और हत्या की आशंका जताई थी। फिर भी पुलिस ने किशोरी को भगाने की धारा में मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर दी।
हालांकि पुलिस ने लड़के के चाचा को पूछताछ के लिए उठाया था, लेकिन बाद में थाने से छोड़ दिया। शुक्रवार को जब दोनों के शव गन्ने के खेत से मिले, तब पुलिस को वहां दो मोबाइल, बीड़ी के बंडल आदि सामान मिला है।
संभवत: दोनों मोबाइल का प्रयोग करते थे। दोनों के शव देखने वालों ने यही आशंका जताई थी कि दोनों की हत्या हुई है, लेकिन थाना पुलिस आला अफसरों को यही बताती रही कि जहर खाकर आत्महत्या का मामला लगता है। सवाल यह है कि क्या पुलिस ने 14 दिनों में उनके फोन सर्विलांस पर नहीं लगाए और अगर लगाए थे तब उनके क्षेत्र में ही होने की लोकेशन क्यों ट्रेस नहीं हुई।