पंजाब में 200 करोड़ की जाली बिलिंग का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में पंजाब की जीएसटी जांच विंग ने बलविंदर सिंह को मंडी गोबिंदगढ़ से बुधवार को गिरफ्तार किया। करोड़ों के इस खेल में आरोपी का बेटा प्रिंस धीमान भी शामिल है।
वह अभी फरार है। दोनों मिलकर दिल्ली और राजस्थान सहित अलग-अलग राज्यों में जाली फर्में बनाकर इस खेल को अंजाम देते थे। प्राथमिक जांच में अभी 8.95 करोड़ रुपये की जीएसटी धोखाधड़ी के सुबूत मिले हैं।
ऐसे पकड़ में आई धोखाधड़ी
विभाग की टीमों ने आरोपी के आवास समेत कई स्थानों पर दस्तावेज खंगाले। इसमें पंजाब और बाहरी राज्यों में स्क्रैप और इससे तैयार होने वाले माल को खरीदने-बेचने वाली फर्मों का पता चला। पिछले साल से आरोपी जो फर्म (सुविधा इंटरप्राइजेज) चला रहा था, वह दस्तावेजों में दिखाई जगह पर नहीं थी।
इस फर्म को रद्द किए जाने के बाद विभाग को आरोपी पर शक हुआ। इसके बाद विस्तृत जांच से पता लगा है कि आरोपी ने चार अन्य ऐसी फर्जी फर्में बनाई हैं। इनमें दिल्ली और राजस्थान में एक-एक फर्म चलाई जा रही थी। वहां 125 करोड़ रुपये से अधिक की जाली बिलिंग की गई और सरकारी खजाने को करीब 15 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाया गया।
30 फर्मों को कर रहा था संचालित
जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी ऐसी लगभग 30 अन्य फर्में भी चला रहे हैं। इनकी विभागीय जांच जारी है।
14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
बलविंदर को सहायक कमिश्नर, पटियाला की टीम ने गिरफ्तार किया। उसे सीजेएम, फतेहगढ़ साहिब की अदालत में पेश किया गया और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।