बठिंडा के नार्थ इस्टेट में मंगलवार सुबह कब्जे करने पहुंचे गैंगस्टर भल्ला को सिविल लाइन पुलिस ने उसके पांच साथियों समेत हिरासत में ले लिया, जबकि गैंगस्टर के तीन साथी पुलिस को चकमा देकर कोठी में रखे आठ लाख रुपये लेकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पहुंचे डीएस सिटी टू करनशेर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया।
कोठी मालिक अमरवीर सिंह ने बताया कि उनका जीडी नाम से ठेकेदारी का काम है।
जिसके तहत वह विभिन्न तरह के ठेके लेते हैं। उसने बताया कि कुछ वर्ष पहले उसके भाई गुरबख्शीश सिंह ने नार्थ इस्टेट में उक्त कोठी खरीद की थी और उसकी रजिस्ट्री अपने जिगरी दोस्त प्रितपाल सिंह के नाम करवा दी थी। लेकिन अब जब उन्होंने प्रितपाल सिंह को उक्त कोठी अपने नाम करवाने के लिए कहा तो कोठी की कीमत को लेकर उसकी नीयत बिगड़ गई और उसने उनकी कोठी को उनके नाम करवाने से टाल मटोल करने लगा।
अमरवीर ने बताया कि कोठी पर कब्जा करने की नीयत से ही प्रितपाल ने गैंगस्टर संदीप सिंह भल्ला एवं अन्य साथियों के साथ उसकी कोठी में जबरी दाखिल हो गए और उसकी कनपटी पर पिस्तौल तानकर उसे कोठी से बाहर कर दिया। अमरवीर ने बताया कि उसने उक्त घटना के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर पहुंची सिविल लाइन पुलिस ने कोठी में जबरी दाखिल होकर बैठे गैंगस्टर संदीप सिंह भल्ला और उसके पांच अन्य साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने सभी पर कार्रवाई शुरू कर दी है।
कोठी मालिक अमरवीर सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस के सामने ही गैंगस्टर के तीन साथी उसकी कोठी में रखे आठ लाख रुपये लेकर पैदल फरार हो गए पर पुलिस ने उनको पकड़ने की हिम्मत तक नहीं की। उसने आरोप लगाया कि आरोपियों के पास चार पिस्तौल थे। जिस को पुलिस ने अभी तक बरामद नहीं किया । इस संबंध में जब थाना सिविल लाइन प्रभारी इंस्पेक्टर रछपाल सिंह से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर जांच शुरू कर दी है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।