बच्चियों के यौन उत्पीड़न के मामले में बाल निकेतन के केयर टेकर को कोर्ट ने 7 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी के वकील के अनुसार वे इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में जाएंगे।
इससे पहले जिला अदालत ने केयर टेकर को बच्चियों के यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी करार दिया था। उसके खिलाफ धारा-354 और पॉस्को एक्ट की धारा 10 व 12 के तहत आरोप तय हुए थे।
मामला पिछले साल के अप्रैल का है। सेक्टर-15 स्थित बाल निकेतन में रहने वाली 13 नाबालिगों ने केयर टेकर मनीष अरोड़ा (50) के खिलाफ पुलिस को लिखित में शिकायत दी थी। उन्होंने केयर टेकर पर छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था।
मामले का खुलासा होते ही आरोपी फरार हो गया था और 23 अप्रैल को पुलिस ने उसे सेक्टर-15 से ही गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सभी पीड़ित 13 नाबालिगों के बयान दर्ज किए थे।
नाबालिगों ने आरोप लगाया था कि मनीष उनका यौन उत्पीड़न करता है। इसके बाद जांच के दौरान केयर टेकर की पत्नी और वहां काम करने वाले स्टाफ से भी पूछताछ की गई थी।
ऐसे किया था अपना बचाव
केयर टेकर ने पुलिस को दिए बयान में कहा था कि बाल निकेतन की कुछ लड़कियों से बाहर के लड़के मिलने आते थे। इसका वह कई बार विरोध कर चुका था और बाल निकेतन की मानद सचिव को इसकी सूचना भी दी थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद बाल निकेतन में समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी पहुंचे थे, लेकिन इस केस की जांच गुप्त तरीके से की गई थी।