एक साल पहले हिमाचल प्रदेश के शहर बद्दी में हुई एक करोड़ 68 लाख रुपये की लूट और रोपड़ के नज़दीक 11 लाख 41 हज़ार रुपये की लूट के मामलों में रोपड़ पुलिस ने छह लोगों को दबोच लिया है। लूट की इन वारदात को अंजाम देने वालों में पंजाब पुलिस के दो मुलाजिम हरिंदर सिंह और सुखविंदर सिंह भी शामिल हैं।
इसके अलावा हरजीत सिंह, बरिंदर सिंह, हरविंदर सिंह और बलदेव सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कारें और सिक्योरिटी गार्ड की लूटी दो बंदूकें भी बरामद कर ली हैं।
पटियाला जोन के आईजी परमजीत सिंह गिल ने शुक्रवार को यहां लुटेरे गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया। सभी आरोपियों ने पुलिस की वर्दी पहनकर लूट की वारदात को अंजाम दिया था। आईजी ने पत्रकारों को बताया कि 12 दिसंबर को रोपड़ के नज़दीक गांव बनमाजरा के पेट्रोल पंप के नज़दीक हुई 11 लाख 41 हजार रुपये की लूट के संबंध में खुफिया जानकारी के आधार पर जांच चल रही थी।
जांच के दौरान पुलिस ने लूटपाट करने वालों को गिरफ्तार करके दो बड़ी वारदात हल करने में सफलता हासिल की है। इसी गिरोह ने सिसवां-बद्दी रोड पर बैंक के एटीएम में कैश भरने जा रही सिक्योरिटी वैन से एक करोड़ 68 लाख रुपये की लूट की थी। पुलिस ने इस लूट में से आरोपियों के खातों में जमा कराए गए 25 लाख 75 हज़ार रुपये सील कर दिए हैं।
इस वारदात में इस्तेमाल की गई कारों और सिक्योरिटी गार्डों से लूटी दो बंदूकों को भी बरामद कर लिया गया है। दूसरी वारदात में बनमाजरा के नज़दीक पेट्रोल पंप पर रविंदरपाल सिंह से 11.41 लाख रुपये की लूट में से 4 लाख 65 हज़ार रुपये भी पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। इसके अलावा तीन लाख रुपये बैंक खातों में सील कराए गए हैं।
पुलिस ने शुक्रवार को सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने पांच को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है जबकि छठे आरोपी पुलिस मुलाजिम हरजिंदर के पिता बलदेव सिंह को जेल भेज दिया है। उधर बलदेव सिंह की गिरफ्तारी को उसके पारिवारिक सदस्यों ने झूठा मामला दर्ज करने का आरोप लगाया है।
एक साल पहले लूटी थी कैश वैन
पिछले साल 9 दिसंबर को एक वैन चंडीगढ़ से कैश लेकर बद्दी जा रही थी। जब वैन सिसवां-बद्दी रोड पर पहुंची तो पुलिस वर्दी में इस गिरोह के लुटेरों ने वैन को रोककर एक करोड़ 68 लाख रुपये लूट लिए। लूट के दौरान वैन के सुरक्षा कर्मचारियों से उनकी बंदूकें भी छीन ली थीं।
इस मामले में गिरफ्तार हरजीत सिंह पहले सीएमएच कंपनी की कैश वैन में बतौर सिक्योरिटी ड्यूटी करता था। इसलिए उसे वैन में भारी मात्रा में कैश होने की जानकारी थी।