गर्मी की छुट्टियां बिताने गुड़गांव से सिहमा गांव स्थित घर आई महिला ने शुक्रवार को अपने दो बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ निगल लिया। रेवाड़ी के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ जबकि दोनों बच्चों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। जहर निगलने के कारणों का पता नहीं चला है। महिला के परिजन भी मामले में कुछ भी कहने से बच रहे हैं।
शुक्रवार सुबह 8.30 बजे गांव में ममता (38) पत्नी अनिल ने अपने बेटे तरुण (14) और बेटी उज्ज्वल (16) के साथ जहर निगल लिया। तीनों की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें उल्टी होने पर जब वह चिल्लाने लगे तो पड़ोस की एक महिला ने उनको देखा।
महिला ने तुरंत परिजनों को इसकी सूचना दी। परिजन उपचार के लिए तीनों को सिविल अस्पताल लाए। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया लेकिन परिजन उन्हें रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल ले गए। जहां पर इलाज के दौरान ममता की मौत हो गई।
उज्ज्वल की हालत गंभीर बनी हुई है और तरुण की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने रेवाड़ी सिविल अस्पताल में महिला के शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों को सौंप दिया।
मृतका ममता का मायका मिर्जापुर बाछौद के नजदीक गांव श्यामपुरा में है। उपचार के लिए महिला को सिविल अस्पताल लाने वाले पड़ोस के लोगों ने बताया कि ममता अपने मायके गई थी और बृहस्पतिवार शाम को ही वापस आई थी। सूचना मिलने पर मृतका के मायके वाले भी रेवाड़ी अस्पताल पहुंच गए थे।
मृतका ममता का पति अनिल गुड़गांव की एक निजी कंपनी में काम करता है। अनिल गुड़गांव में ही मकान बनाकर रह रहा है। अनिल की लड़की उज्ज्वल जमा एक की छात्रा है, जबकि लड़का नौंवी कक्षा में पढ़ता है। 15 दिन पहले ही गर्मियों की छुट्टियों में ममता अपने बच्चों के साथ गांव में बने मकान में आई थी।