पंजाब के जालंधर में रहने वाली 17 वर्षीय मूक बधिर छात्रा ने रविवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या ली। वह एक मूक बधिर स्कूल में 10वीं की छात्रा थी और हॉस्टल में रहती थी। शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण वह घर आई थी। दो माह से उसे स्कूल के लड़के परेशान कर रहे थे। यह स्कूल एक एनजीओ चला रहा है।
डीसीपी जगमोहन सिंह का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस ने फिलहाल केस दर्ज नहीं किया है। मृतका की मौसी ने बताया कि उनकी भतीजी को दो माह से दो साथी छात्र परेशान कर रहे थे। इसकी शिकायत प्रिंसिपल से भी की थी। प्रिंसिपल ने एक बच्चे को स्कूल से सस्पेंड कर दिया था जबकि दूसरे को चेतावनी दी थी। स्कूल प्रबंधकों ने अपने स्तर पर ही मामला निपटा दिया और पुलिस की सहायता नहीं ली।
मामला शांत होने के बाद वह दोबारा हॉस्टल चली गई लेकिन उसको परेशान किया जाता रहा। मौसी ने बताया कि वह दो माह से बिल्कुल गुमसुम व परेशान थी। वह जब हॉस्टल से दोबारा घर आई तो काफी परेशान दिखाई दे रही थी। इसी कारण रविवार को उसने घर पर फंदा लगाकर जान दे दी।