फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंचकूला के जनरल अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर पहुंची चार पीसीआर

विज्ञापन
विज्ञापन
अस्पताल में युवक की मौत पर परिजनों का हंगामा
विज्ञापन

- जनरल अस्पताल में इमरजेंसी के बाहर पहुंची चार पीसीआर
- आधे घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने मामले को शांत कराया
- सिर पर चोट लगने के बाद मृतक के परिजन राजबीर को अस्पताल लेकर पहुंचे थे
- मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप
- परिजनों ने मकान मालिक पर भी मृतक राजबीर पर किराए को लेकर मारने का लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
सेक्टर-6 के जनरल अस्पताल की इमरजेंसी में रविवार की शाम 25 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। हालात बिगड़ते देख अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। दस मिनट के अंदर मौके पर करीब चार पीसीआर सहित पुलिस कर्मी पहुंच गए। आधे घंटे की मशक्कत के बाद मामले को पुलिस ने किसी तरह शांत कराया। मृतक राजबीर के परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों की लापरवाही के चलते राजबीर की मौत हुई है, यहां के डॉक्टरों ने उपचार के नाम पर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति की है। परिजनों का कहना है कि जिस समय वह राजबीर को अस्पताल लेकर पहुंचे थे तो उसकी धड़कनें चल रहीं थी। वहीं, डॉक्टरों की माने तो अस्पताल लाने से पहले ही राजबीर की मौत हो चुकी थी।
दरअसल, रविवार शाम करीब सात बजे भैंसा टिब्बा निवासी मृतक राजबीर के भाई ओमबीर के पास किसी पड़ोसी ने फोन पर कॉल कर बताया कि उसका भाई घर में खून से लथपथ पड़ा है और उसके सिर में गंभीर चोट लगी है। ओमबीर ने बताया कि वह तुरंत अपने घर पहुंचा, जहां उसका भाई खून से लहूलुहान पड़ा था। जिसके बाद उसने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया और पुलिस मौके पर पहुंच गई। उसके बाद उसे अस्पताल लाया गया है। जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


मकान मालिक पर लगाया मारने का आरोप
मृतक के परिजनों ने मकान मालिक पर राजबीर को मारने का आरोप लगाया है। मृतक के भाई ओमबीर ने बताया कि दो माह का किराया बकाया था। जिसको लेकर मकान मालिक और उसके भाई के बीच बहस हुई और मकान मालिक ने उसकी पिटाई कर दी। जिसके चलते उसके सिर में चोट लगी और वह बेहोश हो गया। ओमबीर ने बताया कि उस समय घर पर कोई पारिवारिक सदस्य भी नहीं था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें