कोकीन तस्करी के मामले में बुधवार को जिला अदालत ने हरियाणा पुलिस के रिटायर डीएसपी गुरदर्शन सिंह सोढी व फेज-3बी2 निवासी दारा सिंह नाम के व्यक्ति को दोषी ठहराया है। दोनों को अदालत ने 12 साल कैद की सजा सुनाई है।
दोषियों में प्रत्येक को 1.20 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में एक -एक साल और जेल में बिताना होगा। जबकि मामले में नामजद दो लोगों जोगिंदर सिंह व मनोहर सिंह को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। यह फैसला अतिरिक्त सेशन जज पीपी सिंह की अदालत ने सुनाया।
जानकारी के मुताबिक 28 अगस्त 2008 को दोपहर के समय नारकोटिक सेल के थानेदार सरबजीत सिंह ने बस स्टैंड सोहाना के नजदीक नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी एक व्यक्ति मारुति कार में जीरक पुर वाली साइड से आ रहे हैं।
जब पुलिस ने नाके पर कार को रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने कार को भगाने की कोशिश की। इसी बीच पुलिस ने कार को काबू कर लिया और जब कार की तलाशी ली तो ड्राइवर सीट के नीचे से एक लिफाफा मिला। लिफाफे पर कोबरा 999 लिखा हुआ था।
लिफाफे में एक किलो 230 ग्राम कोकीन बरामद हुई थी। पुलिस ने गुरदर्शन सिंह व दारा सिंह को गिरफ्तार किया था। फिर दारा सिंह के बयानों पर पुलिस ने जोगिंदर सिंह व मनमोहन सिंह को 30 अगस्त को गिरफ्तार किया था। जो कि अदालत से बरी हो गए।