ड्रग डिटेक्शन किट (डीडीके) से जांच करने के बाद हेरोइन होने की बात सामने आई। मुलेठी की यह खेप अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ शहर की अलेम नाजिर कंपनी ने भेजी है। इसे ट्रांसपोर्ट खेबर एजेंसी के शिनवारी कोटला के रहने वाले कयूम उल्लाह लेकर आया था। और वह 22 अप्रैल को आईसीपी पर 340 बोरियों को उतारने के बाद वापस लौट गया था। इसे कारगो टर्मिनल के गोदाम नंबर दो में रखा था।
अमृतसर और दिल्ली से जुड़े हैं तार
अफगानिस्तान से आई मुलेठी की 340 बोरियों को मजीठा मंडी से जुड़े कस्टम हाउस एजेंट नीरज को छुड़वाना था। इतना ही नहीं, यह पूरा माल दिल्ली के लिए रवाना किया जाना था। फिलहाल यह खेप कस्टम ने अपने हाथों में ले ली है और जांच शुरू कर दी गई है।
आईएसआई के हाथ होने का अंदेशा
इतनी बड़ी खेप पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मदद के बिना आना संभव नहीं है। कस्टम मंत्रालय समेत सभी खुफिया एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय रैकेट की संलिप्तता को लेकर सक्रिय हो गई हैं।
जून 2019 में पकड़ी गई थी 534 किलो हेरोइन
इससे पहले कस्टम विभाग ने जून 2019 में अफगानिस्तान से पाकिस्तान के रास्ते आई नमक की बोरियों में 534 किलो हेरोइन बरामद की थी। यह नमक की खेप अमृतसर के एक व्यापारी ने मंगवाई थी। यह देश में पकड़ी गई हेरोइन की सबसे बड़ी खेप थी। अमृतसर के हुसैनपुरा स्थित कनिष्क इंटरप्राइजेज के मालिक रुपिंदर सिंह ने यह नमक मंगवाया था। पाक से पहुंचे नमक की गाड़ियों में यह सामान पाक के एक्सपोर्टर ग्लोबल विजिन इंपेक्स ने भेजा था। 27 जून 2019 की सुबह व्यापारी का कारिंदा इसे रिसीव करने आया तो नमक की बोरी खोलने पर उसमें एक-एक किलो के पैकेट नीचे गिरे। जांच के दौरान हेरोइन होने की पुष्टि हुई थी।