जिला अदालत ने वीरवार को नाबालिग लड़की से दुराचार के मामले में राहुल नाम के व्यक्ति को दोषी ठहराया है। अदालत ने व्यक्ति को दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है।
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया है। साथ ही अदालत ने साफ किया है कि जुर्माना न चुकाने पर दोषी को पांच महीने और जेल में बिताने पड़ेंगे।
जानकारी के मुताबिक यह मामला 15 जनवरी 2014 को थाना खरड़ में दर्ज हुआ था। पुलिस को नाबालिग के पिता ने दी शिकायत में बताया था कि उसके पास एक लड़का और लड़की है। लड़की नौंवी कक्षा की पढ़ाई कर रही है।
14 जनवरी को उसका परिवार खाना खाने के बाद सो रहा था। रात करीब दो बजे उसकी पत्नी की आंख खुल गई। तो उन्होंने देखा कि लड़की घर से गायब थी। उन्होंने अपने स्तर पर लड़की की पड़ताल की।
लेकिन लड़की का कोई सुराग नहीं मिला। उन्हें याद आया कि उनके घर दो महीने पहले दिवाली वाले दिन राहुल नाम का एक लड़का रंग-रौगन करने के लिए आया था। शायद वह ही लड़की को बहका-फुसलाकर साथ ले गया है।
पुलिस ने पीड़ित लड़की के पिता के बयानों के पर राहुल के खिलाफ आईपीसी की धारा 363-366ए के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने राहुल को यूपी से गिरफ्तार कर लड़की को भी बरामद किया था।
लड़की का पुलिस ने मेडिकल करवाया था। मेडिकल के बाद आरोपी पर धारा-376 लगाई थी। राहुल को गिरफ्तार करने के बाद रोपड़ जेल भेज दिया गया।