पंजाब के युवा ही नहीं, बल्कि सरकारी नौकरियों में तैनात मुलाजिमों अफसरों के अंदर भी विदेशों में बसने का क्रेज बढ़ता जा रहा है। इस चक्कर में वह अपनी अच्छी खासी नौकरियां छोड़ समय से पहले रिटायरमेंट ले रहे हैं। यह ट्रेंड शिक्षा विभाग से लेकर पंजाब पुलिस समेत विभिन्न विभागों में देखा जा रहा है। इतना ही नहीं कुछ लोग तो ऐसे हैं कि एक्स इंडिया लीव लेकर बाहर जा रहे हैं, उसके बाद वे अपनी सेवाएं ज्वाइन नहीं कर रहे हैं। बाद में कई मौके देने के बाद सरकार को उन्हें उनकी सेवाओं से मुअत्तल तक करना पड़ रहा है। ऐसे में अब एक्स इंडिया लीव से लेकर सारे नियम सख्त कर दिए गए हैं।
पंजाब पुलिस सूत्रों के अनुसार एक साल में करीब 40 पुलिस मुलाजिम और अफसर समय से पहले सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना है। यह प्रवृत्ति जूनियर अधिकारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पांच साल में छह सालों से सीनियर अधिकारी भी वीआरएस लेकर विदेशों की तरफ रुख कर रहे हैं।
अकेले लुधियाना पुलिस कमिश्नर की बात करें, तो गत तीन साल में कांस्टेबल से लेकर सहायक उप निरीक्षक तक के 91 पुलिस कर्मियों ने समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली। इनमें 47 एएसआई, 31 कांस्टेबल, आठ हेड कांस्टेबल और पांच सब इंस्पेक्टर हैं। पुलिस सेवा छोड़ने वालों की संख्या 2020 में सबसे अधिक थी। जब 18 कांस्टेबल और 12 उप निरीक्षकों सहित 30 पुलिस कर्मियों ने वीआरएस लिया था। 2021 में, लुधियाना में 26 पुलिस अधिकारियों, जिनमें 13 कांस्टेबल, सात एएसआई और छह हेड कांस्टेबल शामिल हैं । 2022 में इस संख्या में इजाफा हुआ और 28 हो गई। इनमें पांच उप निरीक्षकों, 21 एएसआई और दो हेड कांस्टेबलों ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना। इस साल सात एएसआई पहले ही वीआरएस ले चुके हैं।
महिला शिक्षकों की संख्या ज्यादा
पंजाब से हर साल कई शिक्षक विदेश जाने के लिए आवेदन करते हैं। 2013 से 2018 तक के आंकड़ों के अनुसार 6 साल में 304 शिक्षकों को टर्मिनेट किया जा चुका है, क्योंकि ये विदेश से लौटे ही नहीं थे। इसमें 64 फीसदी महिला शिक्षक भी शामिल थीं। 2021-22 सत्र में 3537 शिक्षकों ने छुट्टी के लिए आवेदन किया था। इसमें से 1571 को खारिज किया गया। इतना ही नहीं 2021 से चार जिलों की महिला टीचर डयूटी ज्वाइन नहीं कर रही है। शिक्षा विभाग ने बुधवार को उन्हें 15 दिन में अपना पक्ष रखने का मौका दिया है।