चंडीगढ़। चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) ने रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्त वर्ष 2025-26 के लिए उनकी बैंक की गई अतिरिक्त सौर ऊर्जा का क्रेडिट बिजली खातों में जारी कर दिया है। यह लाभ नेट मीटरिंग व्यवस्था के तहत उन उपभोक्ताओं को मिला है, जिन्होंने अपनी जरूरत से अधिक बिजली पैदा कर उसे ग्रिड में भेजा था।
सीपीडीएल के अनुसार, नेट मीटरिंग प्रणाली में ग्रिड को भेजी गई अतिरिक्त बिजली व्यर्थ नहीं जाती। हर महीने उपभोक्ता द्वारा निर्यात की गई बिजली को उसकी खपत के साथ समायोजित किया जाता है। यदि किसी महीने निर्यात की गई यूनिट्स अधिक होती हैं, तो अतिरिक्त यूनिट्स अगले महीनों के लिए बैंक कर दी जाती हैं। यह प्रक्रिया पूरे वित्त वर्ष तक जारी रहती है।
वित्त वर्ष समाप्त होने पर यदि कुछ बैंक की गई यूनिट्स शेष रह जाती हैं, तो उनका भुगतान संयुक्त विद्युत विनियामक आयोग (जेईआरसी) द्वारा निर्धारित औसत विद्युत क्रय लागत (एपीपीसी) के अनुसार किया जाता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जेईआरसी ने एपीपीसी की दर 3.61 रुपये प्रति यूनिट तय की है। इसी आधार पर सीपीडीएल ने पात्र उपभोक्ताओं के बिजली खातों में क्रेडिट जारी किया है।
सीपीडीएल ने बताया कि यदि किसी उपभोक्ता के खाते में 31 मार्च तक 1,000 बैंक की गई यूनिट्स बची हैं, तो उसे 3,610 रुपये का क्रेडिट मिलेगा। यह राशि उपभोक्ताओं के हालिया बिजली बिल में ''''एक्सेस सोलर एनर्जी क्रेडिट'''' के रूप में दिखाई देगी। निगम का कहना है कि यह व्यवस्था सौर ऊर्जा अपनाने वाले उपभोक्ताओं को आर्थिक लाभ देने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को भी बढ़ावा देगी।