अदालत को बताया कि ईडी ने पूर्व मंत्री को पूछताछ के लिए जालंधर यूनिट बुलाया था और उनसे वहां करीब सात घंटे पूछताछ हुई थी लेकिन देर रात ईडी ने धर्मसोत को गिरफ्तार कर लिया था। एक मार्च, 2016 से 31 मार्च 2022 तक की जांच अवधि में पूर्व मंत्री और उनके परिवार की आय 2.37 करोड़ रुपये थी जबकि खर्च 8.76 करोड़ रुपये था। यह 6.39 करोड़ रुपये का खर्चा आय से अधिक था, इस बारे में ईडी ने पूछताछ की है।
यह था मामला
विजिलेंस ने डीएफओ गुरमनप्रीत सिंह को चंडीगढ़ के आसपास अवैध फार्म हाउस की बिक्री के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत मांगते पकड़ा था। इसका वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद ठेकेदार हरमोहिंदर सिंह को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था और उनके खुलासे के बाद धर्मसोत का नाम सामने आया था, जिन्होंने मंत्री के कार्यकाल के दौरान विभाग में विभिन्न गड़बड़ियों की जानकारी दी थी।
विजिलेंस ने सात जून, 2022 को पूर्व मंत्री धर्मसोत को खैर के पेड़ों को काटने के लिए परमिट जारी करने, सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर, खरीद और अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में संगठित भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में विजिलेंस ने पूर्व मंत्री को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दूसरी बार गिरफ्तार किया था।