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Punjab News: ईडी को नहीं मिला साधू सिंह धर्मसोत का रिमांड, अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा

Tue, 23 Jan 2024 01:02 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली (पंजाब)

सार

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मोहाली की विशेष अदालत ने पूर्व मंत्री साधू सिंह धर्मसोत को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। ईडी ने कोर्ट से रिमांड की मांग की थी। मगर धर्मसोत के वकील ने इसका विरोध किया। इसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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पूर्व मंत्री साधु सिंह धर्मसोत। - फोटो : twitter
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विस्तार
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मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी पूर्व मंत्री साधू सिंह धर्मसोत को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दो दिन का पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सोमवार को दोबारा मोहाली की अदालत में पेश किया। ईडी की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान ईडी ने अदालत में साधू सिंह धर्मसोत का फिर से रिमांड मांगा था लेकिन इस पर पूर्व मंत्री के वकील ने अदालत को बताया कि साधू सिंह धर्मसोत का ईडी पहले भी दो बार रिमांड ले चुकी है।

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वकील ने अदालत से कहा कि सबसे पहले उन्हें तीन के पुलिस रिमांड पर लिया गया था और इसके बाद दो दिन का रिमांड फिर से बढ़ा था लेकिन इन रिमांड में वह ईडी की पूछताछ में सभी सवालों के जवाब दे चुके हैं और अब इस मामले में पूछताछ के लिए कुछ नहीं बचा है, इसलिए अब और रिमांड की कोई गुंजाइश नहीं बचती। अदालत ने कहा कि जब पहले दिए रिमांड में पूछताछ पूरी हो चुकी है तो ऐसे और रिमांड की जरूरत नहीं है। इसके बाद अदालत ने धर्मसोत को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

जबकि दूसरी ओर सरकारी वकील ने तर्क दिया कि वन घोटाले और आय से अधिक संपत्ति केस में पूछताछ दौरान पूर्व मंत्री सहयोग नहीं दे रहे हैं। अभी उनकी पूछताछ खत्म नहीं हुई है।

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अदालत को बताया कि ईडी ने पूर्व मंत्री को पूछताछ के लिए जालंधर यूनिट बुलाया था और उनसे वहां करीब सात घंटे पूछताछ हुई थी लेकिन देर रात ईडी ने धर्मसोत को गिरफ्तार कर लिया था। एक मार्च, 2016 से 31 मार्च 2022 तक की जांच अवधि में पूर्व मंत्री और उनके परिवार की आय 2.37 करोड़ रुपये थी जबकि खर्च 8.76 करोड़ रुपये था। यह 6.39 करोड़ रुपये का खर्चा आय से अधिक था, इस बारे में ईडी ने पूछताछ की है।

यह था मामला

विजिलेंस ने डीएफओ गुरमनप्रीत सिंह को चंडीगढ़ के आसपास अवैध फार्म हाउस की बिक्री के लिए दो लाख रुपये की रिश्वत मांगते पकड़ा था। इसका वीडियो भी सामने आया था। इसके बाद ठेकेदार हरमोहिंदर सिंह को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था और उनके खुलासे के बाद धर्मसोत का नाम सामने आया था, जिन्होंने मंत्री के कार्यकाल के दौरान विभाग में विभिन्न गड़बड़ियों की जानकारी दी थी। 

विजिलेंस ने सात जून, 2022 को पूर्व मंत्री धर्मसोत को खैर के पेड़ों को काटने के लिए परमिट जारी करने, सरकारी अधिकारियों के ट्रांसफर, खरीद और अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने के संबंध में संगठित भ्रष्टाचार में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। बाद में विजिलेंस ने पूर्व मंत्री को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दूसरी बार गिरफ्तार किया था।
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