सोमवार को भी बैंस के समर्थकों को अदालत परिसर में जाने से रोका गया लेकिन कुछ समर्थक पुलिस को चकमा देकर जाने में कामयाब रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच बैंस को अदालत लाया गया, जहां सवाल जवाब होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में दिया गया। इस दौरान बैंस ने कहा कि जल्द ही इस मामले का सारा सच बाहर आएगा और जो लोग आज आरोप लगा रहे हैं, वही लोग कहेंगे कि बैंस सच्चा था।
वहीं शहर के लोगों में चर्चा है कि बैंस का केस करीब एक वर्ष से चल रहा है। पुलिस अगर समय रहते काम सही से करती तो जरूर कुछ न कुछ सबूत मिल जाते। अब सुराग मिलना मुश्किल है। इससे पहले दुष्कर्म मामले में भगोड़े बैंस के दोनों भाइयों, पीए और साथी के साथ-साथ दो महिलाओं को पहले ही जेल भेज दिया गया है।
विधायक हरीश राय ढांगा और बैंस के बेटे में हुई कहासुनी
पीड़ित पक्ष की तरफ से सीनियर वकील और अकाली दल के नेता हरीश राय ढांडा के बेटे चंदन राय ढांढा और सिमरजीत सिंह बैंस के बेटे के बीच भी कहासुनी हो गई। किसी बात को लेकर दोनों की बहस होती देख वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बचाव करने पहुंचे। उन्होंने दोनों को किसी तरह से शांत किया और वहां से अलग किया। अदालत में पेशी के बाद बैंस का मेडिकल करवाकर उन्हें जेल भेज दिया गया।