पुलिस ने मामले में आरोपी छात्र शिवांश के खिलाफ हत्या और उसके पिता रणजीत उर्फ संजीव के खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्जकर गिरफ्तार किया था। पूछताछ में यह भी सामने आया था कि छात्र को प्रिंसिपल आवारागर्दी करने पर डांटती थी। यह बात उसे अच्छी नहीं लगती थी। इसलिए उसने प्रिंसिपल को स्कूल में घुसकर गोलियां मारी थी।
16 लोगों की हुई गवाही, एक गवाह बयान से मुकरा
करीब दो साल तक चली सुनवाई के दौरान इस केस में कुल 16 लोगों की गवाही हुई। इसमें स्कूल चौकीदार, टीचर समेत अन्य स्टाफ और भागते समय छात्र को पकड़ने वाले व्यक्ति की गवाही हुई। इस मामले में भागते समय छात्र को पकड़ने वाला गवाह कोर्ट में बयान से मुकर गया था। लेकिन जब पीड़ित पक्ष के वकील ने कोर्ट में उसे छात्र के पकड़ने की फोटो और वीडियो दिखाई तो उसने कहा था कि फोटो में वही है। इसके अलावा इस केस में कोई गवाह नहीं मुकरा। सभी ने प्रिंसिपल के पक्ष में बयान दिए।
खूब वायरल हुआ था शिवांश का 18वें च मुंडा बदनाम हो गया डबिंग गाना
प्रिंसिपल रितु छाबड़ा का हत्यारा शिवांश बॉलीबुड में हीरो बनने की चाहत रखता था। प्रिंसिपल की हत्या करने से मात्र दस दिन पहले ही वह बालिग यानि 18 साल का हुआ था। 10 जनवरी 2018 को उसके 18वें जन्मदिन पर उसके पिता ने उसे बुलेट दी थी। इस दौरान उसने पंजाबी सिंगर मनकीरत औलख का 18वें च मुंडा बदनाम हो गया गाना की डबिंग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। प्रिंसिपल मर्डर के बाद शिवांश का यह वीडियो खूब वायरल हुआ था।