सिविल सर्जन ने बताया कि सभी 6 लोगों को दिन में दो बार फोन कर मेडिकल टीम उनकी सेहत की जानकरी ले रही है। इसके अलावा हर दूसरे दिन इन लोगों के घर जाकर इनकी पूरी मेडिकल जांच की जाएगी। सिविल सर्जन ने बताया कि इन सभी की जांच रिपोर्ट आने में तीन से पांच दिन का समय लग सकता है।
डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि जिले में सरकारी सेहत संस्थाओं के साथ ही शहर के 4 प्रमुख प्राइवेट अस्पतालों को भी किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है। इन चारों प्राइवेट अस्पतालों में आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरे इंतजाम करवा लिए गए हैं।
करनाल में मिला कोरोना का संदिग्ध मरीज
कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल में कोरोना वायरस का एक संदिग्ध मामला सामने आया है। प्रारंभिक लक्षणों को देखते हुए मरीज को मेडिकल कॉलेज के आइसोलेटेड वार्ड में दाखिल किया गया है। साथ ही उसके ब्लड सैंपल लेकर जांच के लिए पुणे भेजे गए हैं। इसके अलावा, लोकल स्तर पर भी मरीज के सैंपल लिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार शनिवार को बुखार होने के कारण एक युवक मेडिकल कालेज की ओपीडी पहुंचा। वहां पर पहुंचने के बाद विभाग के डॉक्टरों ने जब युवक से जानकारी ली तो बताया कि वह 13 जनवरी को चीन से आया है। जांच में कोरोना के प्रारंभिक लक्षण मिलने के बाद निदेशक को इसकी जानकारी दी गई।
कोरोना के संदिग्ध मरीज की सूचना के बाद खुद निदेशक डा. जगदीश दुरेजा व डीएमएस डा. गौरव कुमार मरीज से मिलने पहुंचे और डॉक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। वहीं, कॉलेज प्रबंधन ने जिला अस्पताल की नोडल ऑफिसर डा. मंजू पाठक को भी इसकी जानकारी दी है। मेडिकल कॉलेज के निदेशक डा. जगदीश चंद्र का कहना है कि बुखार से पीड़ित एक युवक कॉलेज में आया है।
प्रारंभिक लक्षणों को देखते हुए उसे आइसोलेटेड वार्ड में रखा गया है। जांच के लिए सैंपल भेज दिए गये हैं, अभी इसे कोरोना का मरीज नहीं कहा जा सकता। डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू कर दिया है। मरीज का स्वास्थ्य सामान्य है, केवल हल्का बुखार है। फिर भी मरीज के स्वास्थ्य की 24 घंटे निगरानी के लिए स्टाफ नर्स समेत डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है, क्योंकि कोरोना के लक्षण सामान्य बुखार और जुकाम जैसे ही होते हैं।
कोरोना वायरस के लिए जीएमएसएच 16 में कंट्रोल रूम तैयार
कोरोना वायरस से संबंधित जानकारी देने और उलझनों को दूर करने के लिए चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने जीएमएसएच 16 में एक कंट्रोल रूम बनाया है। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी बनाया है। इस नंबर 0172-2752038 पर कॉल कर कोरोना वायरस से संबंधित कोई जानकारी पूछ सकते हैं। साथ ही 11 बेड का एक आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए संस्थान में छह सीसीयू बेड, दो पीडियाट्रिक वेंटिलेटर और आईसीयू में छह वेंटिलेटर कार्य कर रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि अब तक चंडीगढ़ में एक भी कोराना वायरस का संदिग्ध केस नहीं आया है। एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से कई एडवाइजरी जारी की जा चुकी हैं।