हरियाणा में एक साल तक कोई नई भर्ती नहीं होगी। कर्मचारियों को डीए व एलटीसी यानी यात्रा भत्ता भी नहीं मिलेगा। वित्तीय संकट से जूझ रही सरकार ने नई भर्तियों को रोकने के साथ ही कर्मचारियों को महंगाई व यात्रा भत्ता भी न देने का निर्णय लिया है।
सीएम मनोहर लाल ने एक कार्यक्रम में यह जानकारी साझा की। केंद्र सरकार की तर्ज पर ही जुलाई 2021 तक राज्य के कर्मचारियों का डीए बंद रहेगा। डीए व एलटीसी न देने से करोड़ों रुपये बचेंगे। प्रदेश में कर्मचारी चयन आयोग व हरियाणा लोक सेवा आयोग के जरिये पहले से चली आ रही भर्तियों को पूरा करने पर अभी तस्वीर साफ नहीं है। चूंकि, कोरोना संकट से पहले हजारों भर्तियों की प्रक्रिया चल रही थी।
अगर वे भी रुकती हैं तो रोजगार की आस लगाए युवाओं को तगड़ा झटका लगेगा। नई भर्ती कर सरकार वित्तीय संकट को और नहीं गहराना चाहती है। इसके अलावा सरकारी विभाग कोई नया खर्च नहीं करेंगे। सरकार ने सभी विभागों, आयोग, बोर्ड व निगमों के नए खर्चों पर भी रोक लगा दी है।
सरकार की प्राथमिकता कोरोना से निपटने के साथ ही वित्तीय स्थिति को पटरी पर लाना है। सरकार सभी अनावश्यक खर्चों पर भी रोक लगाने जा रही है। इसके पीछे मकसद प्रदेश को और वित्तीय बोझ तले न दबाना है। सरकार को अभी तक कोरोना के कारण लगभग 5000 करोड़ से ज्यादा वित्तीय नुकसान हो चुका है।
सीएम ने कहा है कि ये रोक सिर्फ एक साल के लिए है। इसके बाद भर्तियां व भत्ते सुचारु किए जाएंगे। कर्मचारियों ने संकट की घड़ी में साथ दिया है। उम्मीद है कि आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए इस निर्णय में भी सहयोग करेंगे।